प्रकाश पर कवितावां

प्रकाश का संबंध हमारे

दृश्य संसार से है। प्रकाश अंधकार के प्रतिरोध की प्रतीति भी है। इस चयन में प्रकाश एवं उसके विभिन्न शब्द और अर्थ पर्यायों के साथ अभिव्यक्त कविताओं का संकलन किया गया है।

कविता60

लोटियो

देवीलाल महिया

अंतस रो दीवो

सुमन बिस्सा

आकास रौ रंग

बी. आर. प्रजापति

कुलदीपा

श्यामसुन्दर टेलर

सूरज मरकरी

हरीश हैरी

ऊजळी रात

रचना शेखावत

अखण्डता रो दिवलो

रामनिरंजन सरमा ‘ठिमाऊ’

चानणो

भंवर भादानी

जिद

मनमीत सोनी

अेक दीवौ

सांवर दइया

दीवो : तीन चितराम

रचना शेखावत

हवा री तासीर

भंवर भादानी

आखर बोल : आखर बांच

हरीश भादानी

जीवण-जोत

सत्यप्रकाश जोशी

अंधारी-जातरा

किशोर कल्पनाकान्त

उजास-किरण

अम्रतसिंह पंवार

सुण मरवण

हरिमोहन सारस्वत 'रूंख'

जीवन रो उनाळो

राजेन्द्र सिंह चारण

सींव

मनमीत सोनी

दिवलो

सवाईसिंह धमोरा

अकारथ

मदनमोहन पड़िहार

पाग

हरिमोहन सारस्वत 'रूंख'

सूरज चाईजै

संजय आचार्य 'वरुण'

दहेज दानव

हनुमान दीक्षित

बणी-ठणी

लीटू कल्पनाकांत

रोसनी का रूँख

प्रेम जैन

अेकज आस

मालचंद तिवाड़ी

जागण रौ गीत

सत्यप्रकाश जोशी

अदीठो

अनुराग

दिवळौ

दुष्यन्त जोशी

इसो बसंत खिलादै मा

लक्ष्मीनारायण रंगा

दिवला अर बाट

अंकिता पुरोहित

दिवला रहीजै दमकतौ

भंवरलाल सुथार

इंकलाब री आँधी

रेवतदान कल्पित

तुरपाई करती लुगाई

मदन गोपाल लढ़ा

सत्त-सुंवाज

मणि मधुकर

सबद

राजेश कुमार व्यास

थूं जद

सुरेन्द्र सुन्दरम

आप री आप जाणों

अजय कुमार सोनी

थारी के पंचायती

मनमीत सोनी

दीवा परतै बळतो रऊँ म्हूँ

विजय गिरि गोस्वामी 'काव्यदीप'

चेतावणी (101)

सुंदर पारख

अंतहीण अंधारो

अजय कुमार सोनी