खेत पर कवितावां

कविता15

कठा सूं आवै है सबद

भगवती लाल व्यास

नाळ

विनोद स्वामी

खरगोस्यां रा पाळा में

अवन्तिका तूनवाल

हेत रो खेत

इरशाद अज़ीज़

मुळकणां

येवेजनी येव्तुसेंको

फसल

ओम नागर

करसाणी म्हारा गांव री

फतहलाल गुर्जर 'अनोखा'

अड़वो

कन्हैयालाल सेठिया

मतीरो

भगवती पुरोहित

काळ-दुकाळ

प्रेमजी ‘प्रेम’

थे कितणा भी चीखो

बनवारीलाल अग्रवाल

सिरजण

भगवती लाल व्यास

बाळपणो

सत्य पी. गंगानगर

हेलो पाड़ रे

हरीश भादानी