वैवस्था पर कवितावां

कविता10

नुंवी परिभाषावां

कुंदन सिंह 'सजल'

दीखै गुण की खान

शांति भारद्वाज 'राकेश'

जुलमी जळ

रतन ‘राहगीर’

कुवै पड़ी है भांग अठै

सन्तोष कुमार जागिड ‘पंछी’

कसर नहीं है स्याणै में

भागीरथसिंह भाग्य

बातां मांयली बात

गुलाब चंद कोटड़िया

कुचरणी

ओम पुरोहित ‘कागद’

नेतां पर

हरि शेखर शर्मा