वैवस्था पर कुंडलियाँ

कुण्डळियौ छंद3

मान्यता री बातां करै

केसरी कान्त शर्मा

साथीड़ा संसार में कळजुग

नृसिंह राजपुरोहित

म्हे सुणी बैकुंठ में

नृसिंह राजपुरोहित