देस री संतान ई लूटै है खुद रै देस नै माफिया रै भेस में का अफसरां रै भेस में किण सूं कैवां लोकतंत्र री इसी हालत हुई रक्षक ही भक्षक बण्या, नेतावां रै ई भेस में।