वैवस्था पर ग़ज़ल

ग़ज़ल4

राम राज में रोळी है

गजादान चारण ‘शक्तिसुत’

औ तौ जीणौ जीणौ कोनी

लक्ष्मणदान कविया

कांईं होसी?

शिवराज छंगाणी