जूण पर कवितावां

जहाँ जीवन को स्वयं कविता

कहा गया हो, कविता में जीवन का उतरना अस्वाभाविक प्रतीति नहीं है। प्रस्तुत चयन में जीवन, जीवनानुभव, जीवन-संबंधी धारणाओं, जीवन की जय-पराजय आदि की अभिव्यक्ति देती कविताओं का संकलन किया गया है।

कविता830

आ दिनां

संदीप 'निर्भय'

काळ

मणि मधुकर

डांडी रौ उथळाव

तेजस मुंगेरिया

दीठाव रै बेजा मांय

तेजसिंह जोधा

परेम

अंजु कल्याणवत

पिरोळ में कुत्ती ब्याई

अन्नाराम ‘सुदामा'

कठा सूं आवै है सबद

भगवती लाल व्यास

हरिया रूंख

अंजु कल्याणवत

काची-पाकी जूण

आशीष पुरोहित

अरे बुझागड़!

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

कवि अर कवितावां

रेवंत दान बारहठ

भड़ास

विमला महरिया 'मौज'

पांखी री पीड़

भगवती लाल व्यास

बंटवारो

भगवती लाल व्यास

मिजाज

कैलाश मंडेला

सवाल रेखागणित रो

चेतन स्वामी

उजास उडीक

रेवंत दान बारहठ

अंतस रो दीवो

सुमन बिस्सा

सांझ-सुंदरी

महेंद्रसिंह छायण

मोरियो

अंजु कल्याणवत

ट्रेक्टर

जगदीश गिरी

सूरमा

पवन सिहाग 'अनाम'

शमसाँण री कणेर

भगवती लाल व्यास

नदी अर मजल

कैलाश कबीर

धुड़कै जूण

राजूराम बिजारणियां

गांव री कांदा-रोटी

मृदुला राजपुरोहित

सतिये नै सीख

सत्येंद्र चारण

दीवट

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

घूमर

नारायण सिंह भाटी

दौरो घणो जीणो

कृष्णा आचार्य

बदळाव

कृष्ण कल्पित

मिनख री सुतंतरता

रेणुका व्यास 'नीलम'

अणहद नाद

भगवती लाल व्यास

खुद खातर

ज़ेबा रशीद

म्हां लुगायां

शकुंतला पालीवाल

तोड़ भी ल्यासी

बनवारीलाल अग्रवाल

दूक दूक कै क्यूं थारी

बनवारीलाल अग्रवाल

मेह अंधारी रात

नंद भारद्वाज

बिरवा इयै बगत रा

नवनीत पाण्डे

बगत री नदी

इरशाद अज़ीज़

थारी गाथा

अर्जुनदेव चारण

करणी रा काबा

रेवंत दान बारहठ

गम रैयो है गांव

आशा पाण्डेय ओझा

जीवण

अवन्तिका तूनवाल

तीरथजातरा

निकोलाई जाबोल्त्स्की

म्हे यूं तो

अम्बिका दत्त