जूण पर कवितावां

जहाँ जीवन को स्वयं कविता

कहा गया हो, कविता में जीवन का उतरना अस्वाभाविक प्रतीति नहीं है। प्रस्तुत चयन में जीवन, जीवनानुभव, जीवन-संबंधी धारणाओं, जीवन की जय-पराजय आदि की अभिव्यक्ति देती कविताओं का संकलन किया गया है।

कविता914

काळ

मणि मधुकर

डांडी रौ उथळाव

तेजस मुंगेरिया

आ दिनां

संदीप 'निर्भय'

परेम

अंजु कल्याणवत

पिरोळ में कुत्ती ब्याई

अन्नाराम ‘सुदामा'

कठा सूं आवै है सबद

भगवती लाल व्यास

दीठाव रै बेजा मांय

तेजसिंह जोधा

हरिया रूंख

अंजु कल्याणवत

काची-पाकी जूण

आशीष पुरोहित

अरे बुझागड़!

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

दीठ रो फरक

आरती छंगाणी

भड़ास

विमला महरिया 'मौज'

कवि अर कवितावां

रेवंत दान बारहठ

पांखी री पीड़

भगवती लाल व्यास

सतिये नै सीख

सत्येंद्र चारण

गांव री कांदा-रोटी

मृदुला राजपुरोहित

यक्ष सवाल

रेवंत दान बारहठ

उजास उडीक

रेवंत दान बारहठ

पाछा चालो खेत में

विमला महरिया 'मौज'

बंटवारो

भगवती लाल व्यास

सांझ-सुंदरी

महेंद्रसिंह छायण

ट्रेक्टर

जगदीश गिरी

मोरियो

अंजु कल्याणवत

पगफेरौ

मणि मधुकर

शमसाँण री कणेर

भगवती लाल व्यास

सूरमा

पवन सिहाग 'अनाम'

नदी अर मजल

कैलाश कबीर

आ बैठ बात करां - 7

रामस्वरूप किसान

धुड़कै जूण

राजूराम बिजारणियां

सौरम रो भभको

रामस्वरूप किसान

अंतस रो दीवो

सुमन बिस्सा

दीवट

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

सवाल रेखागणित रो

चेतन स्वामी

आ बैठ बात करां - 4

रामस्वरूप किसान

घूमर

नारायण सिंह भाटी

आ बैठ बात करां - 6

रामस्वरूप किसान

बदळाव

कृष्ण कल्पित

मिजाज

कैलाश मंडेला

आ बैठ बात करां - 3

रामस्वरूप किसान

मिनख री सुतंतरता

रेणुका व्यास 'नीलम'

आ बैठ बात करां - 2

रामस्वरूप किसान

दौरो घणो जीणो

कृष्णा आचार्य

अणहद नाद

भगवती लाल व्यास

थारी गाथा

अर्जुनदेव चारण

करणी रा काबा

रेवंत दान बारहठ

गम रैयो है गांव

आशा पाण्डेय ओझा

जीवण

अवन्तिका तूनवाल