जूण पर कवितावां

जहाँ जीवन को स्वयं कविता

कहा गया हो, कविता में जीवन का उतरना अस्वाभाविक प्रतीति नहीं है। प्रस्तुत चयन में जीवन, जीवनानुभव, जीवन-संबंधी धारणाओं, जीवन की जय-पराजय आदि की अभिव्यक्ति देती कविताओं का संकलन किया गया है।

कविता778

कठा सूं आवै है सबद

भगवती लाल व्यास

दीठाव रै बेजा मांय

तेजसिंह जोधा

परेम

अंजु कल्याणवत

पिरोळ में कुत्ती ब्याई

अन्नाराम ‘सुदामा'

काळ

मणि मधुकर

डांडी रौ उथळाव

तेजस मुंगेरिया

आ दिनां

संदीप 'निर्भय'

अरे बुझागड़!

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

काची-पाकी जूण

आशीष पुरोहित

हरिया रूंख

अंजु कल्याणवत

नदी अर मजल

कैलाश कबीर

धुड़कै जूण

राजूराम बिजारणियां

अंतस रो दीवो

सुमन बिस्सा

सांझ-सुंदरी

महेंद्रसिंह छायण

सवाल रेखागणित रो

चेतन स्वामी

मोरियो

अंजु कल्याणवत

ट्रेक्टर

जगदीश गिरी

शमसाँण री कणेर

भगवती लाल व्यास

सूरमा

पवन सिहाग 'अनाम'

भड़ास

विमला महरिया 'मौज'

सतिये नै सीख

सत्येंद्र चारण

मिजाज

कैलाश मंडेला

गांव री कांदा-रोटी

मृदुला राजपुरोहित

पांखी री पीड़

भगवती लाल व्यास

बंटवारो

भगवती लाल व्यास

घूमर

नारायण सिंह भाटी

बदळाव

कृष्ण कल्पित

दौरो घणो जीणो

कृष्णा आचार्य

दीवट

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

मिनख री सुतंतरता

रेणुका व्यास 'नीलम'

अणहद नाद

भगवती लाल व्यास

थूं कांई कैवैलौ?

जोसेफ सीमोन कॉटर जूनियर

भूख

अनिला राखेचा

पराई भोम

गोरधन सिंह शेखावत

तूटणौ अर बिखरणौ

तेजस मुंगेरिया

सांझ दौड़ती आवै

नन्दकिशोर चतुर्वेदी

सिड़िज्योड़ा होठ

कृष्ण बिश्नोई

आंकस रै बीं बीज ने

मोहम्मद सदीक

खतावणी

चन्द्र प्रकाश देवल

लोप व्हैण नै ताखड़ौ

चन्द्र प्रकाश देवल

अचरज

पारस अरोड़ा

ओळखाण

यादवेन्द्र शर्मा 'चन्द्र'

सारस सूं

प्रेमजी ‘प्रेम’

पाणी

महेन्द्र मील

भुरती मिनखाजूण

सुनील गज्जाणी

आकाश रो टुकड़ो

श्याम सुन्दर टेलर

सींवां सूं बारै तांई

सत्यदेव संवितेन्द्र