भविख पर कवितावां

भविष्य आशंकाओं-आकांक्षाओं

के वर्तमान के रूप में हमारे जीवन-दृश्यों में उतरता रहता है। इस चयन में ऐसी ही कुछ कविताओं का संकलन किया गया है।

कविता9

लाल धजा री आंण फिरै

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

रूंख

दुष्यन्त जोशी

आगेरा आंक

कान्ह महर्षि

जुग-जुग

मदनमोहन परिहार

नेह रा दो बोल

भागीरथ मेघवाल

बैकवर्ड फॉरवर्ड

सतीश छिम्पा

विरासत

करणीदान बारहठ