प्रेम पर कवितावां

प्रेम जूण जीवण रौ आधार

है। राजस्थानी प्रेमाख्यान अर पूरी साहित्यिक जातरा में इणरा फूठरा अर सिणगार्‌योड़ा दाखला आपां पढ़ां‌‌‌‌। अठै संकलित रचनावां प्रेम विसै रै ओळै-दोळै रचियोड़ी है‌।

कविता620

प्रेम री परिभाषा

सत्येंद्र चारण

प्रीत मंडाण

सुरेश कुमार डूडी

बुगचौ

आईदान सिंह भाटी

म्हारौ पियारो पीव

रामाराम चौधरी

प्रभात

पृथ्वीराज राठौड़

आ बैठ बात करां - 1

रामस्वरूप किसान

आभै उतरी प्रीत

राजूराम बिजारणियां

प्रग्या

चन्द्र प्रकाश देवल

म्हैं आवूंला जरूर

गोरधन सिंह शेखावत

याद

विजय राही

हेत प्रेम अपणायत में

श्रवण दान शून्य

मायड़ भासा

किरण राजपुरोहित 'नितिला'

धरती काती प्रीत

राजूराम बिजारणियां

वो झुरै

अर्जुनदेव चारण

सींव रा समाचार

राजूराम बिजारणियां

खेजड़ी अर तूं

आशाराम भार्गव

दीठाव रै बेजा मांय

तेजसिंह जोधा

प्रेम री परीभाषा

सत्येंद्र चारण

कठा सूं आवै है सबद

भगवती लाल व्यास

थे कत्ली हो

राजूराम बिजारणियां

सबद कोस

अर्जुनदेव चारण

हिज्र

सत्य पी. गंगानगर

आ बैठ बात करां - 9

रामस्वरूप किसान

गाम

यतीन्द्र पूनियां

घरे आजा

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

आ बैठ बात करां - 5

रामस्वरूप किसान

आ बैठ बात करां - 3

रामस्वरूप किसान

आ बैठ बात करां - 2

रामस्वरूप किसान

पीव बैठा परदेस

रामाराम चौधरी

मायड़

महेंद्रसिंह छायण

खेत-स्क्रैप

मोनिका गौड़

मिरगानैणी सिणगार

रेवंत दान बारहठ

मंगती कोनी

देवीलाल महिया

थारी कविता

अनिला राखेचा

बाई

विनोद स्वामी

म्हारै पुराणियां घर री

मृदुला राजपुरोहित

आ बैठ बात करां - 6

रामस्वरूप किसान

प्रीत, छांट अर गड़ा

राजूराम बिजारणियां

प्रीत

चन्द्र प्रकाश देवल

थारो नाम

रेवंत दान बारहठ

चांनणी रात

रेवतदान चारण कल्पित

आंनै कुण जाणसी

प्रकाशदान चारण

छेहली बातचीत

रेवंत दान बारहठ

घर

विनोद स्वामी

आ बैठ बात करां - 7

रामस्वरूप किसान

गळगी- हेत

राजूराम बिजारणियां

मायत

पवन सिहाग 'अनाम'

आ बैठ बात करां - 4

रामस्वरूप किसान