प्रेम पर कवितावां

प्रेम जूण जीवण रौ आधार

है। राजस्थानी प्रेमाख्यान अर पूरी साहित्यिक जातरा में इणरा फूठरा अर सिणगार्‌योड़ा दाखला आपां पढ़ां‌‌‌‌। अठै संकलित रचनावां प्रेम विसै रै ओळै-दोळै रचियोड़ी है‌।

कविता560

प्रीत मंडाण

सुरेश कुमार डूडी

प्रेम री परिभाषा

सत्येंद्र चारण

म्हारौ पियारो पीव

रामाराम चौधरी

प्रभात

पृथ्वीराज राठौड़

बुगचौ

आईदान सिंह भाटी

वो झुरै

अर्जुनदेव चारण

सींव रा समाचार

राजूराम बिजारणियां

खेजड़ी अर तूं

आशाराम भार्गव

मायड़ भासा

किरण राजपुरोहित 'नितिला'

थे कत्ली हो

राजूराम बिजारणियां

कठा सूं आवै है सबद

भगवती लाल व्यास

धरती काती प्रीत

राजूराम बिजारणियां

प्रेम री परीभाषा

सत्येंद्र चारण

याद

विजय राही

हेत प्रेम अपणायत में

श्रवण दान शून्य

प्रग्या

चन्द्र प्रकाश देवल

म्हैं आवूंला जरूर

गोरधन सिंह शेखावत

आभै उतरी प्रीत

राजूराम बिजारणियां

आ बैठ बात करां - 1

रामस्वरूप किसान

दीठाव रै बेजा मांय

तेजसिंह जोधा

खेत-स्क्रैप

मोनिका गौड़

मायड़

महेंद्रसिंह छायण

पीव बैठा परदेस

रामाराम चौधरी

प्रीत

चन्द्र प्रकाश देवल

म्हारै पुराणियां घर री

मृदुला राजपुरोहित

मंगती कोनी

देवीलाल महिया

घर

विनोद स्वामी

प्रीत, छांट अर गड़ा

राजूराम बिजारणियां

इण तरै रा सून्याड़ में

भगवती लाल व्यास

मिरगानैणी सिणगार

रेवंत दान बारहठ

थारी अर म्हारी बात

आईदान सिंह भाटी

गळगी- हेत

राजूराम बिजारणियां

सबद कोस

अर्जुनदेव चारण

हिज्र

सत्य पी. गंगानगर

चांनणी रात

रेवतदान चारण कल्पित

आंनै कुण जाणसी

प्रकाशदान चारण

बायरिया!

नैनमल जैन

छेहली बातचीत

रेवंत दान बारहठ

धरती चुगगी

राजूराम बिजारणियां

सतिये नै सीख

सत्येंद्र चारण

प्रेम

तेजस मुंगेरिया

जूण रा इग्यारा चितराम

सुरेन्द्र सुन्दरम

म्हारी दीठ

अर्जुनदेव चारण

भैण-भाई

यतीन्द्र पूनियां

घरे आजा

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

थारो नाम

रेवंत दान बारहठ