प्रेम पर कवितावां

प्रेम जूण जीवण रौ आधार

है। राजस्थानी प्रेमाख्यान अर पूरी साहित्यिक जातरा में इणरा फूठरा अर सिणगार्‌योड़ा दाखला आपां पढ़ां‌‌‌‌। अठै संकलित रचनावां प्रेम विसै रै ओळै-दोळै रचियोड़ी है‌।

कविता634

प्रीत मंडाण

सुरेश कुमार डूडी

प्रेम री परिभाषा

सत्येंद्र चारण

बुगचौ

आईदान सिंह भाटी

म्हारौ पियारो पीव

रामाराम चौधरी

आ बैठ बात करां - 1

रामस्वरूप किसान

प्रभात

पृथ्वीराज राठौड़

आभै उतरी प्रीत

राजूराम बिजारणियां

प्रग्या

चन्द्र प्रकाश देवल

म्हैं आवूंला जरूर

गोरधन सिंह शेखावत

याद

विजय राही

हेत प्रेम अपणायत में

श्रवण दान शून्य

मायड़ भासा

किरण राजपुरोहित 'नितिला'

धरती काती प्रीत

राजूराम बिजारणियां

घरे आजा

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

कठा सूं आवै है सबद

भगवती लाल व्यास

प्रेम री परीभाषा

सत्येंद्र चारण

दीठाव रै बेजा मांय

तेजसिंह जोधा

सींव रा समाचार

राजूराम बिजारणियां

खेजड़ी अर तूं

आशाराम भार्गव

वो झुरै

अर्जुनदेव चारण

थे कत्ली हो

राजूराम बिजारणियां

बाई

विनोद स्वामी

म्हारै पुराणियां घर री

मृदुला राजपुरोहित

आ बैठ बात करां - 6

रामस्वरूप किसान

प्रीत

चन्द्र प्रकाश देवल

थारो नाम

रेवंत दान बारहठ

सबद कोस

अर्जुनदेव चारण

हिज्र

सत्य पी. गंगानगर

आ बैठ बात करां - 9

रामस्वरूप किसान

गाम

यतीन्द्र पूनियां

मिरगानैणी सिणगार

रेवंत दान बारहठ

राजस्थानी

रेवतदान चारण कल्पित

थारी कविता

अनिला राखेचा

मंगती कोनी

देवीलाल महिया

भैण-भाई

यतीन्द्र पूनियां

गोरी गोरी गजबण

दुर्गादान सिंह गौड़

आ बैठ बात करां - 5

रामस्वरूप किसान

आ बैठ बात करां - 3

रामस्वरूप किसान

आ बैठ बात करां - 2

रामस्वरूप किसान

खेत-स्क्रैप

मोनिका गौड़

पीव बैठा परदेस

रामाराम चौधरी

मायड़

महेंद्रसिंह छायण

मायत

पवन सिहाग 'अनाम'

किरण की प्रीत

प्रेमजी ‘प्रेम’

इण तरै रा सून्याड़ में

भगवती लाल व्यास

गळगी- हेत

राजूराम बिजारणियां

आ बैठ बात करां - 4

रामस्वरूप किसान

थारी अर म्हारी बात

आईदान सिंह भाटी