प्रेम पर गीत

प्रेम जूण जीवण रौ आधार

है। राजस्थानी प्रेमाख्यान अर पूरी साहित्यिक जातरा में इणरा फूठरा अर सिणगार्‌योड़ा दाखला आपां पढ़ां‌‌‌‌। अठै संकलित रचनावां प्रेम विसै रै ओळै-दोळै रचियोड़ी है‌।

गीत68

उडीक

मेघराज मुकुल

थोड़ी-सी जिंदगाणी में

कानदान ‘कल्पित’

म्हूं बेटी बाबल री छोटी

छैलूदान चारण 'छैल'

कामणी

मोहम्मद सदीक

गा लेवूं पूरौ गीत

किशोर कल्पनाकान्त

भगवान भलो करसी थारो

किशोर कल्पनाकान्त

बैरण बांसलड़ी

कन्हैयालाल सेठिया

मरवण! तार बजा

किशोर कल्पनाकान्त

दूधै भरी कटोरी

चंद्र सिंह बिरकाळी

कबूतराँ को जोड़ो

रघुराजसिंह हाड़ा

फूलियै री मा

गजानन वर्मा

जियौ नहीं लागै रे

शकुन्तला सरूपरिया

भासा गीत

उपेन्द्र अणु

कतना माडूं गीत

रघुराजसिंह हाड़ा

आंसू क्यूं बरसावै?

किशोर कल्पनाकान्त

नींदड़ली कद आवै

धनंजय वर्मा

अै रातां है जागण री

किशोर कल्पनाकान्त

गीत धाट-धरा रै सोढां रौ

शक्तिदान कविया

रात घणेरी प्यारी

किशोर कल्पनाकान्त

सावण में नी आवड़ै

किशोर कल्पनाकान्त

म्हूं तो मन मानै ज्यूं राचूं

नरपत आशिया "वैतालिक"

म्हारा गीत

मदनगोपाल शर्मा

चांदड़ल्या

कालूराम प्रजापति 'कमल'

आलीजौ भंवर

रेवतदान चारण कल्पित

मतवाली जोगण

किशन लाल वर्मा

कठीकर आवै अे?

किशोर कल्पनाकान्त

कुमकुम सूँ

बद्रीलाल ‘दिव्य’

मैं तो एक बड़ो अलबेलो

चंद्र सिंह बिरकाळी

डेली मेळा म्ह घुमावै

राम नारायण मीणा ‘हलधर’

म्हारौ राजस्थान जी

कालूराम प्रजापति 'कमल'

मां

मानसिंह राठौड़ ‘मातासर’

नीमड़ी

दुर्गादान सिंह गौड़

संदेसो

आशारानी लखोटिया

अपणायत इसी जगा ले तूं

मुनि बुद्धमल्ल

म्हारो भारत देश रे

मोहन मण्डेला

थळवट री झमाळ

शक्तिदान कविया

कथना-तणौ गीत

किशोर कल्पनाकान्त

लाडली

मुकुट मणिराज