प्रेम पर चौपाई

प्रेम जूण जीवण रौ आधार

है। राजस्थानी प्रेमाख्यान अर पूरी साहित्यिक जातरा में इणरा फूठरा अर सिणगार्‌योड़ा दाखला आपां पढ़ां‌‌‌‌। अठै संकलित रचनावां प्रेम विसै रै ओळै-दोळै रचियोड़ी है‌।

चौपाई6

मयमत्ती उनमत गज गेलि

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'

दिन दिन हे सखि

कवि लब्धोदय

शीतल जल चंपक-सुवास

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'

मन आकर्षि कीयो वसि आप

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'