प्रेम पर बंतळ
प्रेम जूण जीवण रौ आधार
है। राजस्थानी प्रेमाख्यान अर पूरी साहित्यिक जातरा में इणरा फूठरा अर सिणगार्योड़ा दाखला आपां पढ़ां। अठै संकलित रचनावां प्रेम विसै रै ओळै-दोळै रचियोड़ी है।
है। राजस्थानी प्रेमाख्यान अर पूरी साहित्यिक जातरा में इणरा फूठरा अर सिणगार्योड़ा दाखला आपां पढ़ां। अठै संकलित रचनावां प्रेम विसै रै ओळै-दोळै रचियोड़ी है।
मांड म्हनै घणी पसंद है चन्द्राणी मुखर्जी गीत-संगीत—खासकर फिलमी संगीत री दुनियां रौ अेक सैंधौ-मैंधौ नांव है। ‘ओ रे सजनवा क्या होती है’ गीत सूं खुद री पिछांण बणावण आळी अर ‘मेरे मेहबूब शायद आज कुछ नाराज हैं मुझसे’ गीत सूं प्रसिद्धि अर लोकप्रियता रै