ईसकौ पर कवितावां

ईर्ष्या दूसरों की उन्नति,

सुख या वैभव से उभरने वाला मानसिक कष्ट है। इसका संबंध मानवीय मनोवृत्ति से है और काव्य में सहज रूप से इसकी प्रवृत्तियों और परिणामों की अभिव्यक्ति होती रही है।

कविता11

हूं इण गीतां नैं सुणतो रयो

व्लादिमिर किरीलोव

ईसकौ

येवजेनी येवतुरोंक

गांव री सरपंचाणी

प्रमेश्वर प्रसाद कुमावत

हवा रै सागै

चन्द्रकान्ता शर्मा

जीवण

अवन्तिका तूनवाल

ईसको

कुन्दन माली

पीड़ा रो सुख

कमला वर्मा

ईसकौ

येव्गेनी येव्तुशेंको

मायड़ भासा

रामकुमार भाम्भू

बुणगट

भगवती लाल व्यास