विश्वास पर कवितावां

बाथां में भूगोल लियां

मिनखां अर जीवां नै भरोसे माथै बड़ो भरोसो है। भरोसे माथै भीड़ भागै अर भरोसो ई जीव रौ आधार है। अठै प्रस्तुत रचना-संग्रै भरोसे नै लेय'र रचियोड़ो है।

कविता336

प्रीत मंडाण

सुरेश कुमार डूडी

चंवरी

मेघराज मुकुल

स्वाद

आईदान सिंह भाटी

अेकला बळै

आशीष बिहानी

रूंखां में भगवान

अमर सिंह राजपुरोहित

डंकै री चोट

जयनारायण व्यास

दीठ रो फरक

आरती छंगाणी

घर

प्रवीण सुथार

म्हारी उमर

रामाराम चौधरी

पाछा चालो खेत में

विमला महरिया 'मौज'

म्हूं के बोलूं

अखिलेश्वर

धोरै री ढाळ माथै भासा

आईदान सिंह भाटी

पतियारौ

गजेसिंह राजपुरोहित

व्हां

किशन ‘प्रणय’

भरोसो

सीमा पारीक

नादाधींन जगत

राजेश कुमार व्यास

सहारो

अंकिता पुरोहित

सड़क

सीमा पारीक

अेक बीजै सूं

कमल रंगा

रूपा बावळी

रामदयाल मेहरा

चिड़कली

कुमार अजय

इसक

ज़ेबा रशीद

म्हारा छैल

रामदयाल मेहरा

रुखाळो

रतन ‘राहगीर’

टापरी

रमेश मयंक

समै रो पगफेरो

शिवराज छंगाणी

चुप

प्रदीप भट्ट

आव अभिमन्यु आज रा

राजेन्द्र बोहरा

कविता सूं आगै

सांवर दइया

परीत

थानेश्वर शर्मा

बागोळ

राधेश्याम मेवाड़ी

आस्था

सांवर दइया

करमां री लकीरां नै

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

रचाव

राजूराम बिजारणियां

हुवै रंग हजार

सांवर दइया

ओ जमारो

हरि प्रसाद पारीक

विस्वास है

पारस अरोड़ा

चांद सैलाणी

प्रेमलता जैन

सहीद री व्यथा

फारूक़ आफरीदी

परिणाम मिळैला

जेठानंद पंवार

बाळपणों

अजय कुमार सोनी

काल अर आज

ज़ेबा रशीद

ओळखाण

इरशाद अज़ीज़

पणिहारी

गजेन्द्र कंवर चम्पावत

राजपूत रो डावड़ो

भुवनेश प्रकाशन, बीकानेर

बादळी

महेन्द्र यादव