विश्वास पर कवितावां

बाथां में भूगोल लियां

मिनखां अर जीवां नै भरोसे माथै बड़ो भरोसो है। भरोसे माथै भीड़ भागै अर भरोसो ई जीव रौ आधार है। अठै प्रस्तुत रचना-संग्रै भरोसे नै लेय'र रचियोड़ो है।

कविता348

चंवरी

मेघराज मुकुल

प्रीत मंडाण

सुरेश कुमार डूडी

धोरै री ढाळ माथै भासा

आईदान सिंह भाटी

म्हूं के बोलूं

अखिलेश्वर

स्वाद

आईदान सिंह भाटी

अेकला बळै

आशीष बिहानी

आ बैठ बात करां - 3

रामस्वरूप किसान

परख

प्रभात

रूंखां में भगवान

अमर सिंह राजपुरोहित

घर

प्रवीण सुथार

पतियारौ

गजेसिंह राजपुरोहित

दीठ रो फरक

आरती छंगाणी

पाछा चालो खेत में

विमला महरिया 'मौज'

म्हारी उमर

रामाराम चौधरी

करमां री लकीरां नै

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

अैरण बूझै रै घण बीर नै

सत्यप्रकाश जोशी

व्हां

किशन ‘प्रणय’

राणी पदमणी

मेघराज मुकुल

डंकै री चोट

जयनारायण व्यास

बातां

अशोक परिहार 'उदय'

सतमासिया सपना

कृष्ण बृहस्पति

सती

अर्जुनदेव चारण

कांकर

मोनिका गौड़

रब राखै सो रैसी राम

मोहम्मद सदीक

मांडवी

कमल रंगा

मनड़ै रो मारग

कृष्णा आचार्य

गरीब रा भाग

श्रीनिवास तिवाड़ी

नानकी बूंद

मनीषा आर्य सोनी

अडीक

गिरधारी सिंह राजावत

कंसळावां री कदर

मोनिका गौड़

दीठ

अर्जुनसिंह शेखावत

जमानौ बदळ ग्यौ

छगनराज राव 'दीप'

मून तूट्यौ

पारस अरोड़ा

थारौ प्रीतम अळगौ हेली

अस्त अली खां मलकांण

गौळ गळा मं

विष्णु विश्वास

मानखै री बेल

श्रीमाली श्रीवल्लभ घोष

आभौ

शिवराज छंगाणी

मांनी जता मिनख

चंद्रशेखर अरोड़ा

मिनख अर कागलो

कैलाश मंडेला

सुख अर सिंवाळ

बाबूलाल शर्मा

रेत नांव आस्था

भंवर भादानी

पाछौ कुण आसी...

नीरज दइया

संझ्या

मोहन आलोक

आस

संदीप 'निर्भय'

सराध

कालू खां

बात

कमर मेवाड़ी

थांरै बिना

कृष्णा आचार्य