विश्वास पर कवितावां

बाथां में भूगोल लियां

मिनखां अर जीवां नै भरोसे माथै बड़ो भरोसो है। भरोसे माथै भीड़ भागै अर भरोसो ई जीव रौ आधार है। अठै प्रस्तुत रचना-संग्रै भरोसे नै लेय'र रचियोड़ो है।

कविता326

प्रीत मंडाण

सुरेश कुमार डूडी

चंवरी

मेघराज मुकुल

स्वाद

आईदान सिंह भाटी

अेकला बळै

आशीष बिहानी

धोरै री ढाळ माथै भासा

आईदान सिंह भाटी

पतियारौ

गजेसिंह राजपुरोहित

म्हूं के बोलूं

अखिलेश्वर

व्हां

किशन ‘प्रणय’

रूंखां में भगवान

अमर सिंह राजपुरोहित

डंकै री चोट

जयनारायण व्यास

म्हारी उमर

रामाराम चौधरी

घर

प्रवीण सुथार

घर

सुधीर राखेचा

वो तोड़ै है

भगवती लाल व्यास

मनख-बावळो

प्रीतिमा ‘पुलक’

ओ जीणो भी के जीणो है

भागीरथसिंह भाग्य

भादवै रो मेह

कृष्ण बृहस्पति

जात्रा:अेक अनुभव

नमोनाथ अवस्थी

ऊँचे अडाण माथै

रतन सिंह चांपावत

मारग रौ डर

चन्द्र प्रकाश देवल

रात

अशोक परिहार 'उदय'

भींत भरोसै री

सत्येंद्र चारण

तळाव

मणि मधुकर

कसमूल आरती

सुमन बिस्सा

अैरण बूझै रै घण बीर नै

सत्यप्रकाश जोशी

सौंरम उछब री

श्याम सुन्दर टेलर

नूंथोर

मोहम्मद सदीक

कळां भखै मिनखपणों

इन्द्रा व्यास

सो-कीं

गौरीशंकर निमिवाळ

कठे ढोई है

नवनीत पाण्डे

लगन बावळी

रामदयाल मेहरा

जूण जातरा

संजय पुरोहित

किण रो दोस?

रामनरेश सोनी

उडीक

कन्हैयालाल भाटी

रेचन

विनीता शर्मा

प्रेम कविता

अनिल अबूझ

मत कर ऊपरवाड़ो

सत्येन जोशी

करड़ो सांच

कैलाश मंडेला

पा’ड़, जड़ नी है

वासु आचार्य

सुन्दरता अर सिव

अनिता सैनी

साच रा कपड़ा पैरावै

मधु आचार्य 'आशावादी'

मै’सूसो

मोहन आलोक

प्रीत

मदन गोपाल लढ़ा

भरोसो

रामनिवास सोनी

ऊंडी-दीठ

अस्त अली खां मलकांण

बिस्वास राखजे

प्रहलादराय पारीक