विश्वास पर कवितावां

बाथां में भूगोल लियां

मिनखां अर जीवां नै भरोसे माथै बड़ो भरोसो है। भरोसे माथै भीड़ भागै अर भरोसो ई जीव रौ आधार है। अठै प्रस्तुत रचना-संग्रै भरोसे नै लेय'र रचियोड़ो है।

कविता313

प्रीत मंडाण

सुरेश कुमार डूडी

चंवरी

मेघराज मुकुल

अेकला बळै

आशीष बिहानी

स्वाद

आईदान सिंह भाटी

व्हां

किशन ‘प्रणय’

धोरै री ढाळ माथै भासा

आईदान सिंह भाटी

म्हूं के बोलूं

अखिलेश्वर

पतियारौ

गजेसिंह राजपुरोहित

घर

प्रवीण सुथार

म्हारी उमर

रामाराम चौधरी

डंकै री चोट

जयनारायण व्यास

रूंखां में भगवान

अमर सिंह राजपुरोहित

भडूकणो (गुब्बारो)

देवीलाल महिया

जंगळी

अशोक परिहार 'उदय'

सुवारथ

दीपचन्द सुथार

अखण्डता रो दिवलो

रामनिरंजन सरमा ‘ठिमाऊ’

मून मारै चिरळाटी

आनंद पुरोहित 'मस्ताना'

विश्वसुन्दरी रै मिस

अन्नाराम ‘सुदामा'

खामचाई

राजेन्द्र शर्मा 'मुसाफिर'

गोविन्द गरू रा टाबरिया

गिरधारी सिंह पड़िहार

भटकाया

मुखराम माकड़ ‘माहिर’

अणकही

सोनाली सुथार

ओळ्यां अर आंधी

संजय पुरोहित

हेत री गंगा

जेठानंद पंवार

भरोसौ

सत्यप्रकाश जोशी

धरती धंस जावै

पूजाश्री

रिवाज री बुगची

सुमन पड़िहार

बसंत

भगवती लाल व्यास

आइनो

ज़ेबा रशीद

संकरांत

कृष्णगोपाल शर्मा

राजहंसां रो देसूंटो

सुमेरसिंह शेखावत

संसद सूं बारै

राजेन्द्र सिंह चारण

बाबो

भगवान सैनी

थे

रूपसिंह राठौड़

दाता नीं हुवै काठा

किरण राजपुरोहित 'नितिला'

लावौ दौ माचिस

पारस अरोड़ा

राणी पदमणी

मेघराज मुकुल

मतलब्या

कैलाश मंडेला

फगत म्हैं अेकलो

इरशाद अज़ीज़

धरती रो हेलो

मेघराज मुकुल

थारै हुवण री

सांवर दइया

बादळी

चतुर कोठारी

पाळणहार

राजेन्द्र जोशी

पत राखै पोतियौ

भंवरलाल सुथार