दुख पर कवितावां

कविता268

तूं

सत्य पी. गंगानगर

बंटवारो

भगवती लाल व्यास

यक्ष सवाल

रेवंत दान बारहठ

बीज नै उगणो पड़सी

भीम पांडिया

सबदां री हद रै मांय

आईदान सिंह भाटी

भूख रौ रूंख

विक्रमसिंह गून्दोज

राणी पदमणी

मेघराज मुकुल

हिज्र

सत्य पी. गंगानगर

अबूलेंस

देवीलाल महिया

दीठ रो फरक

आरती छंगाणी

मून मारै चिरळाटी

आनंद पुरोहित 'मस्ताना'

रुधन

प्रभात

गीतां री दीठ

कन्हैयालाल सेठिया

पीड़ा री गांठड़ी

महावीर जोशी

पीपळी

गौरीशंकर निमिवाळ

वो भेजै थनै

अर्जुनदेव चारण

उडीक

पारस अरोड़ा

अथड़ातु मन

भोगीलाल पाटीदार

रुखाळो

रतन ‘राहगीर’

दरद

रमेश मयंक

दुख

अर्जुनदेव चारण

चिड़कली

अशोक परिहार 'उदय'

पारधी

पूनमचंद गोदारा

कुवै पड़ी है भांग अठै

सन्तोष कुमार जागिड ‘पंछी’

कुण सुणै?

दीनदयाल ओझा

अेकली

मणि मधुकर

कदास

कमल सिंह सुल्ताना

बातां मांयली बात

गुलाब चंद कोटड़िया

बारै कठै लाधै?

भारती कविया

मथारौ

नाथूसिंह इंदा

कविता री मौत

पूर्ण शर्मा ‘पूरण’

आक थनै कुण उगेरियो

भंवरलाल सुथार

आज रो मिनख

कृष्ण बिश्नोई

सेयर बाजार

अर्जुनदेव चारण

मिनख मिनख री मार

कपिलदेव आर्य

अेक पीड़

किरण राजपुरोहित 'नितिला'

विदा

चयरिल अनवर

खेत री बां जमीन

गौरीशंकर निमिवाळ

भींत

महेंद्र मोदी

ऊंडी भखारियां

अर्जुनदेव चारण

दूजौ

मणि मधुकर

सूरज टंटोळता रह्या

त्रिलोक गोयल

थारी धांसी

पारस अरोड़ा

रूंख रा छोडा

नीरज दइया

थारी गाथा

अर्जुनदेव चारण