दुख पर कवितावां

कविता230

तूं

सत्य पी. गंगानगर

बंटवारो

भगवती लाल व्यास

बीज नै उगणो पड़सी

भीम पांडिया

भूख रौ रूंख

विक्रमसिंह गून्दोज

हिज्र

सत्य पी. गंगानगर

अबूलेंस

देवीलाल महिया

सबदां री हद रै मांय

आईदान सिंह भाटी

धरती री मुळक

रमेश मयंक

गंदी हवा

चंद्रशेखर अरोड़ा

आंकड़ा का फूल

प्रेमजी ‘प्रेम’

हेलो

अशोक परिहार 'उदय'

दरद रा डूँगर

नन्दकिशोर चतुर्वेदी

तसवीर नी बोले

कैलाश मंडेला

नसो

निरंजन सिंह निर्मल

मून मारै चिरळाटी

आनंद पुरोहित 'मस्ताना'

हेत री डोर

इन्द्र प्रकाश श्रीमाली

ओ कांई ढाळो है देस रो

सत्येंद्र चारण

हलाल रो मांस

गोरधन सिंह शेखावत

चालतोई चाल

वासु आचार्य

पांगळी

मणि मधुकर

थे

रूपसिंह राठौड़

राणी पदमणी

मेघराज मुकुल

नित-नेम

हरीश भादानी

धारावी

जितेन्द्र कुमार सोनी

जोग

मणि मधुकर

पीपळी

गौरीशंकर निमिवाळ

वो भेजै थनै

अर्जुनदेव चारण

उडीक

पारस अरोड़ा

अथड़ातु मन

भोगीलाल पाटीदार

रुखाळो

रतन ‘राहगीर’

दरद

रमेश मयंक

दुख

अर्जुनदेव चारण

चिड़कली

अशोक परिहार 'उदय'

पारधी

पूनमचंद गोदारा

कुण सुणै?

दीनदयाल ओझा

थारी धांसी

पारस अरोड़ा

रूंख रा छोडा

नीरज दइया

थारी गाथा

अर्जुनदेव चारण

जीवण

अवन्तिका तूनवाल

नींद अर बातां

अर्जुनदेव चारण

मारग चालण में फरक

अमृतसिंह पंवार

दीप सिखा कैवै है

रतनलाल दाधीच

आंसूड़ा

वासुदेव चतुर्वेदी