दुख पर कवितावां

कविता257

तूं

सत्य पी. गंगानगर

बंटवारो

भगवती लाल व्यास

बीज नै उगणो पड़सी

भीम पांडिया

यक्ष सवाल

रेवंत दान बारहठ

हिज्र

सत्य पी. गंगानगर

अबूलेंस

देवीलाल महिया

दीठ रो फरक

आरती छंगाणी

सबदां री हद रै मांय

आईदान सिंह भाटी

भूख रौ रूंख

विक्रमसिंह गून्दोज

रुधन

प्रभात

गीतां री दीठ

कन्हैयालाल सेठिया

मून मारै चिरळाटी

आनंद पुरोहित 'मस्ताना'

हेत री डोर

इन्द्र प्रकाश श्रीमाली

ओ कांई ढाळो है देस रो

सत्येंद्र चारण

हलाल रो मांस

गोरधन सिंह शेखावत

चालतोई चाल

वासु आचार्य

पांगळी

मणि मधुकर

पीपळी

गौरीशंकर निमिवाळ

वो भेजै थनै

अर्जुनदेव चारण

उडीक

पारस अरोड़ा

अथड़ातु मन

भोगीलाल पाटीदार

रुखाळो

रतन ‘राहगीर’

दरद

रमेश मयंक

दुख

अर्जुनदेव चारण

चिड़कली

अशोक परिहार 'उदय'

पारधी

पूनमचंद गोदारा

कुवै पड़ी है भांग अठै

सन्तोष कुमार जागिड ‘पंछी’

कुण सुणै?

दीनदयाल ओझा

मिनख-मिनख री मार

कपिलदेव आर्य

अेक पीड़

किरण राजपुरोहित 'नितिला'

विदा

चयरिल अनवर

खेत री बां जमीन

गौरीशंकर निमिवाळ

भींत

महेंद्र मोदी

ऊंडी भखारियां

अर्जुनदेव चारण

दूजौ

मणि मधुकर

सूरज टंटोळता रह्या

त्रिलोक गोयल

थारी धांसी

पारस अरोड़ा

रूंख रा छोडा

नीरज दइया

थारी गाथा

अर्जुनदेव चारण

जीवण

अवन्तिका तूनवाल

नींद अर बातां

अर्जुनदेव चारण

हे पाण्डवां

विनोद सोमानी 'हंस'

मारग चालण में फरक

अमृतसिंह पंवार