दुख पर कवितावां

कविता271

तूं

सत्य पी. गंगानगर

बंटवारो

भगवती लाल व्यास

यक्ष सवाल

रेवंत दान बारहठ

हिज्र

सत्य पी. गंगानगर

अणबोली बात

विजय राही

अबूलेंस

देवीलाल महिया

दीठ रो फरक

आरती छंगाणी

सबदां री हद रै मांय

आईदान सिंह भाटी

भूख रौ रूंख

विक्रमसिंह गून्दोज

बीज नै उगणो पड़सी

भीम पांडिया

राणी पदमणी

मेघराज मुकुल

कदर

भोगीलाल पाटीदार

पगरखी

भगवती लाल व्यास

बेटी री पीड़

छैलूदान चारण 'छैल'

समापन रा बोल

एज़रा पाउंड

सुखसाज

मणि मधुकर

रुधन

प्रभात

गीतां री दीठ

कन्हैयालाल सेठिया

पीड़ा री गांठड़ी

महावीर जोशी

पीपळी

गौरीशंकर निमिवाळ

वो भेजै थनै

अर्जुनदेव चारण

उडीक

पारस अरोड़ा

अथड़ातु मन

भोगीलाल पाटीदार

रुखाळो

रतन ‘राहगीर’

दरद

रमेश मयंक

दुख

अर्जुनदेव चारण

चिड़कली

अशोक परिहार 'उदय'

पारधी

पूनमचंद गोदारा

कुवै पड़ी है भांग अठै

सन्तोष कुमार जागिड ‘पंछी’

कुण सुणै?

दीनदयाल ओझा

तोड़ भी ल्यासी

बनवारीलाल अग्रवाल

दूक दूक कै क्यूं थारी

बनवारीलाल अग्रवाल

सेयर बाजार

अर्जुनदेव चारण

मिनख मिनख री मार

कपिलदेव आर्य

अेक पीड़

किरण राजपुरोहित 'नितिला'

विदा

चयरिल अनवर

खेत री बां जमीन

गौरीशंकर निमिवाळ

भींत

महेंद्र मोदी

ऊंडी भखारियां

अर्जुनदेव चारण

दूजौ

मणि मधुकर

सूरज टंटोळता रह्या

त्रिलोक गोयल

थारी धांसी

पारस अरोड़ा

रूंख रा छोडा

नीरज दइया

थारी गाथा

अर्जुनदेव चारण

जीवण

अवन्तिका तूनवाल