दुख पर ग़ज़ल

ग़ज़ल10

बचता रीज्यो

प्रेमजी ‘प्रेम’

देखो तो म्हारै देस में आवै समाजवाद

रामेश्वर दयाल श्रीमाली

आओ मीठी बात करां

सुमन बिस्सा

झेलै सूरज री लाय

विनोद सोमानी 'हंस'

औ तौ जीणौ जीणौ कोनी

लक्ष्मणदान कविया

मिलै नीं अठै सुखड़ो राम

लक्ष्मीनारायण रंगा

आदमी

राधेश्याम मेवाड़ी

काळै धन रा करतब काळा

सुरेन्द्र पारीक ‘रोहित’