विडरूपता पर कवितावां

सामाजिक जीवण में आपां

रै असवाड़ै-पसवाड़ै अेड़ी केई विसमतावां हुवै जिणा सूं मिनख रौ जीवणौ, न जीवणै जेड़ौ हो ज्यावै। अठै संकलित रचनावां ई विसै सूं ई जुड़ियोड़ी है।

कविता301

काळ

मणि मधुकर

मजूर रौ दिन

अर्जुनदेव चारण

जे म्हैं आदमी होऊँ

विमला महरिया 'मौज'

सबद कोस

अर्जुनदेव चारण

इण तरै रा सून्याड़ में

भगवती लाल व्यास

सातवौं फेरौ

अर्जुनदेव चारण

नंग धड़ंग अरावळी

कन्हैयालाल सेठिया

म्हूँ जनता हूँ

भगवती लाल व्यास

बंटवारो

भगवती लाल व्यास

घर कठै है

अर्जुनदेव चारण

फाटोड़ी जेब

पारस अरोड़ा

आत्महंता

त्रिभुवन

थूं कद जीवती ही मां

अर्जुनदेव चारण

आम आदमी

रामनिवास सोनी

जुझारू रो सवाल

रतन ‘राहगीर’

बैरण होळी आगी

रघुराजसिंह हाड़ा

किता लोग अंया का है

बनवारीलाल अग्रवाल

थै जाणो हो

सांवर दइया

थूं कांई कैवैलौ?

जोसेफ सीमोन कॉटर जूनियर

सिड़िज्योड़ा होठ

कृष्ण बिश्नोई

मांय तौ नागा ई

सांवर दइया

चौफेर

मोहम्मद सदीक

म्हां अपमानित

पारस अरोड़ा

घणी खम्मां

मणि मधुकर

हित्यारा कांईठा कुण?

लेस्ली पिंकनी हिल

राजा जी का ऊंचा बासा

शांति भारद्वाज 'राकेश'

कीड़ी

वासु आचार्य

घणो दोरो चूलो फूंकणो

भौमराज भंवीरू ‘मंगल’

बाकी हिसाब

पारस अरोड़ा

दीखै गुण की खान

शांति भारद्वाज 'राकेश'

झूठौ बणज

प्रेमजी ‘प्रेम’

बन्दगोभी

नोवेल्ला मात्वेयेवा

पीणो सांप

तेजसिंह जोधा

जुलमी जळ

रतन ‘राहगीर’

म्हूँ अछूत

मुकुट मणिराज

बाड़ अर गुलाब

गोरधन सिंह शेखावत

ब्रितांत

मणि मधुकर

देस

मोहन आलोक

ओ कुण

मोहम्मद सदीक

सेयर बाजार

अर्जुनदेव चारण

सवाग

सत्यप्रकाश जोशी

रगत और प्राण

भागीरथ मेघवाल

टूटोड़ी भींत बता...

चंद्रशेखर अरोड़ा

नेता चालिसौ

ओम पुरोहित ‘कागद’

पेट री भूख

विक्रमसिंह गून्दोज

काळ

भगवान सैनी

म्हारो मनखपणो

गोविन्द हाँकला