विडरूपता पर कवितावां

सामाजिक जीवण में आपां

रै असवाड़ै-पसवाड़ै अेड़ी केई विसमतावां हुवै जिणा सूं मिनख रौ जीवणौ, न जीवणै जेड़ौ हो ज्यावै। अठै संकलित रचनावां ई विसै सूं ई जुड़ियोड़ी है।

कविता374

लालू दादो

चन्द्र प्रकाश देवल

काळ

मणि मधुकर

मजूर रौ दिन

अर्जुनदेव चारण

जे म्हैं आदमी होऊँ

विमला महरिया 'मौज'

सबद कोस

अर्जुनदेव चारण

सातवौं फेरौ

अर्जुनदेव चारण

इण तरै रा सून्याड़ में

भगवती लाल व्यास

नंग धड़ंग अरावळी

कन्हैयालाल सेठिया

आत्महंता

त्रिभुवन

थूं कद जीवती ही मां

अर्जुनदेव चारण

कांमणी

नंद भारद्वाज

घर कठै है

अर्जुनदेव चारण

बंटवारो

भगवती लाल व्यास

फाटोड़ी जेब

पारस अरोड़ा

म्हूँ जनता हूँ

भगवती लाल व्यास

सवाग

सत्यप्रकाश जोशी

रगत और प्राण

भागीरथ मेघवाल

टूटोड़ी भींत बता...

चंद्रशेखर अरोड़ा

आजादी

हरिलाल अग्रवाल

पख-विपख

श्याम महर्षि

नेता चालिसौ

ओम पुरोहित ‘कागद’

पेट री भूख

विक्रमसिंह गून्दोज

काळ

भगवान सैनी

भाग फूटयो ईमानदार निकळग्यो

लक्ष्मीनारायण रंगा

सरंग फाट जावैला

ब्रजमोहन सपूत

म्हारो मनखपणो

गोविन्द हाँकला

अेवज

बरीस पास्तरनाक

कद तांईं

गोरधन सिंह शेखावत

ज़िन्दगी

भगवती लाल व्यास

बेम्मार

मणि मधुकर

ढाल

भोगीलाल पाटीदार

आम आदमी

रामनिवास सोनी

जुझारू रो सवाल

रतन ‘राहगीर’

बैरण होळी आगी

रघुराजसिंह हाड़ा

दूजौ जीवण

कैसियानो रिकार्डो

किता लोग अंया का है

बनवारीलाल अग्रवाल

थै जाणो हो

सांवर दइया

थूं कांई कैवैलौ?

जोसेफ सीमोन कॉटर जूनियर

सिड़िज्योड़ा होठ

कृष्ण बिश्नोई

मांय तौ नागा ई

सांवर दइया

चौफेर

मोहम्मद सदीक

सांस्कृतिक चेतना

श्याम महर्षि

बुण रयी हूं अेक सरीर

गैब्रेला मिस्ट्राल

बीड़ी पीवै बावळा

केशव पथिक आचार्य

कसमूल आरती

सुमन बिस्सा