विडरूपता पर सोरठा

सामाजिक जीवण में आपां

रै असवाड़ै-पसवाड़ै अेड़ी केई विसमतावां हुवै जिणा सूं मिनख रौ जीवणौ, न जीवणै जेड़ौ हो ज्यावै। अठै संकलित रचनावां ई विसै सूं ई जुड़ियोड़ी है।

सोरठा10

हूणिया

हरीश भादानी

भली बुरी जो बात

साह मोहनराज

हिम्मत तब ही होय

साह मोहनराज

भावां री बानगी

उदयवीर शर्मा

खरी कमाई खाय

साह मोहनराज

सादिया रा सौरठा

मोहम्मद सदीक

परदूसण

उदयवीर शर्मा