डिंगल पर दूहा

दूहा119

सुत मरियौ हित देस रै

नाथूसिंह महियारिया

संग बळ जावै नारियां

नाथूसिंह महियारिया

माई अहड़ा पूत जण

पृथ्वीराज राठौड़

नागण जाया चिटला

सूर्यमल्ल मीसण

राज करावै खाग ही

नाथूसिंह महियारिया

धीरा धीरा ठाकुरां

सूर्यमल्ल मीसण

दमँगल विच अ - पचौ

सूर्यमल्ल मीसण

कायर नूं लानत दियै

नाथूसिंह महियारिया

पाताळ जो पतिसाह

पृथ्वीराज राठौड़

वे रण में विरदावता

नाथूसिंह महियारिया

पातळ रांण प्रवाड़मल

पृथ्वीराज राठौड़

करन्यास

ऊमरदान लालस

ईस ! घणा जे आखता

सूर्यमल्ल मीसण

कांकड़ त्रंबक त्रहकिया

सूर्यमल्ल मीसण

जोगण ! पहली खाय पळ

सूर्यमल्ल मीसण

अकबर वाली आपरै

गिरधर आसिया

अइ रे अकबरियाह

पृथ्वीराज राठौड़

साथण ढोल सुहावणौ

सूर्यमल्ल मीसण

सूतो देवर सेज रण

सूर्यमल्ल मीसण

सहु गोधळिया पास

पृथ्वीराज राठौड़

जवइ तुहाळइ काळि

शिवदास गाडण

सहणी सबरी हूँ सखी

सूर्यमल्ल मीसण

घण तोपां जागै नहीं

नाथूसिंह महियारिया

ज खल भग्गा तो सखी

सूर्यमल्ल मीसण

बीकम बरसां बीतियों

सूर्यमल्ल मीसण

टोटै सरकां भींतड़ा

सूर्यमल्ल मीसण

हिंदू कहै सो हम बडे

सांईदीन दरवेश

ईखे घर ऊदल तणा

गिरधर आसिया

भुरजाल भूषण

बांकीदास आशिया

हित री बात

ऊमरदान लालस

सह गावड़ियै साथ

पृथ्वीराज राठौड़

रामाइण ही राम

शिवदास गाडण

रण चढ़िया पट पहरियां

नाथूसिंह महियारिया

संपेखें घर घर सहर

गिरधर आसिया