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ग़ज़ल
छंद
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गैमर जिसै हेमर गात
महेशदास राव
रुकमणी रो हरण
सांयाजी झूला
तातारी दळ अतुळ साजि रमजान कुतुब सह
सूर्यमल्ल मीसण
इत दिल्लिय कनउज्ज उभय
सूर्यमल्ल मीसण
जुद्ध वरणन
सांयाजी झूला
मेहाई रावळो बिड़द मोटो
शंकरदान सामौर
सनेस वाहक रो द्वारका पूगणौ
सांयाजी झूला
सविया दोय मुहुक्कर्मा सुत
सूर्यमल्ल मीसण
रुक्मणी रो जलम
सांयाजी झूला
फरि चडै फौजां कळि कनौजां चढ़े चोजां चित्तअे
जाडा मेहड़ू
रांमत चाळक नेच रमैं
कृपाराम खिड़िया
मेवाड़ां मारवां वहै साबळ वीजूजळ
करणीदान कविया
जरैं अपेय अचळ जळ जाणे
सूर्यमल्ल मीसण
अन्नल सुत जयसिंह देव
सूर्यमल्ल मीसण
रुकम नै दंड देय’नै मुगत करणो
सांयाजी झूला
दड़के दमंमां गमंगमां संमसंमां सद्दअे
जाडा मेहड़ू
छंद आर्या
जाडा मेहड़ू
चिंतित रुकमणी रो श्रीकृष्ण नै ब्याव रो संदेश देवणो
सांयाजी झूला
रुकमणी सारु वर बाबत विचार
सांयाजी झूला
एकादसि दिन प्रात नयर
सूर्यमल्ल मीसण
सम्भरीक खिच्ची जिण संतति
सूर्यमल्ल मीसण
कक्षा उर सिथिल प्रलम्ब
सूर्यमल्ल मीसण
इतै खुरम आवियौ
करणीदान कविया
आगम ग्रंथ रा अंश
ईसरदास बारहठ
निंदाअस्तुति ग्रंथ रा अंश
ईसरदास बारहठ
आवड़ा आद सगती अघट
मेहा बीठू
रुकमणी री बाल्यावस्था
पृथ्वीराज राठौड़
बहै घमक सावळां
करणीदान कविया
रासकीला ग्रंथ रा अंश
ईसरदास बारहठ
रुकमणी री आपरै भाई री रिछ्या सारु अरज करणो
सांयाजी झूला
श्रीकृष्ण रो कुंदनपुर मांय स्वागत
सांयाजी झूला
रुकमणी रै ब्याव सारु मंत्रणा
पृथ्वीराज राठौड़
रुकमणी रो अंबिका पूजन सारु जावणो
सांयाजी झूला
श्रीकृष्ण री राजसभा रो वरणाव
सांयाजी झूला
रांमत धरती माढ रमेवा
मेहा बीठू
देवी माढ रांणी रम्मिये
मेहा बीठू
रंग रूप नमो गिरमाड़
मेहा बीठू
राठौड़ दुरगदास री औरंगजेब नै अरजी
ऊमरदान लालस
कृष्ण-रुकमणी रो ब्याव
सांयाजी झूला
धकि तोपन घमचक्क
सूर्यमल्ल मीसण
कुमर दूत रनकाज
सूर्यमल्ल मीसण
दखिण धरा रस दियौ
करणीदान कविया
गागरोणि अचलेस सजे गढ
सूर्यमल्ल मीसण
अग्गैं परिसर अटत करत
सूर्यमल्ल मीसण
जाडां थंडां जियार
करणीदान कविया
आद सगत तूं अम्बा
मेहा बीठू
शिशुपाल रो ब्याव सारू रवानै हुवणो अर मारग मांय अपसगुण हुवणा
सांयाजी झूला
झमकि सोम असि झरत
सूर्यमल्ल मीसण
श्रीकृष्ण रो विजयी हुय’नै द्वारका पधारणो
सांयाजी झूला
कृष्ण-चरितर-वरणाव
सांयाजी झूला