लुगाई पर कवितावां

कविता142

सुभाव

अंजु कल्याणवत

आटा की चालणी

उषा राजश्री राठौड़

परायो धन

अनुश्री राठौड़

लुगाई

उषा राजश्री राठौड़

जे म्हैं आदमी होऊँ

विमला महरिया 'मौज'

पी'र सासरौ

विमला महरिया 'मौज'

घूमर

नारायण सिंह भाटी

जगां-जगां

कमल रंगा

सबदां री हद रै मांय

आईदान सिंह भाटी

ओळूं घट की कस्तूरी

प्रेमजी ‘प्रेम’

देखणौ

पद्मजा शर्मा

पल्ला री गांठ

शकुंतला पालीवाल

रेत अर लुगाई

प्रेमलता सोनी

जोगमाया

तेजस मुंगेरिया

पिणघट करै पुकार

मान कँवर ‘मैना’

ओळखाण

मणि मधुकर

कुरजां री कुरलाट

चंद्रशेखर अरोड़ा

दिवलो

थानेश्वर शर्मा

जुद्ध जुक्रेन अर जापो

सत्येंद्र चारण

रठ में ठर

सत्यदीप ‘अपनत्व’

साव नैनी बात

तेजस मुंगेरिया

काण

ऋतुप्रिया

लुगायाँ

प्रीतिमा ‘पुलक’

क्रिस्णाकुमारी

अर्जुनदेव चारण

पडूतर

आईदान सिंह भाटी

बात

मोनिका गढ़वाल

प्रीत रो पराछीत

सत्यप्रकाश जोशी

सूंपड़ो

शकुंतला पालीवाल

परेम

बी. एल. माली ‘अशान्त’

चाँद अर बा

थानेश्वर शर्मा

वेलड़ी

शकुंतला पालीवाल

काळी जीजी

प्रमिला शंकर

रेचन

विनीता शर्मा

धिणयाणी

ज़ेबा रशीद

मीरां

अर्जुनदेव चारण

आसावर चीड़ी

सत्यदीप ‘अपनत्व’

अंताखरी

सत्यप्रकाश जोशी

गैली

मणि मधुकर

मौत

रमेश मयंक

मुळक

प्रियंका भारद्वाज

गांव री लुगायां

श्याम महर्षि

म्हां लुगायां

शकुंतला पालीवाल

नारी मरदाणी

हीरालाल शास्त्री

बळीतो

शकुंतला पालीवाल

वउ नी परबात

मणि बावरा