लुगाई पर कवितावां

कविता167

सुभाव

अंजु कल्याणवत

घूमर

नारायण सिंह भाटी

गोरी गोरी गजबण

दुर्गादान सिंह गौड़

लुगाई

उषा राजश्री राठौड़

पडूतर

आईदान सिंह भाटी

जगां-जगां

कमल रंगा

सबदां री हद रै मांय

आईदान सिंह भाटी

राणी पदमणी

मेघराज मुकुल

ओळूं घट की कस्तूरी

प्रेमजी ‘प्रेम’

बैरण होळी आगी

रघुराजसिंह हाड़ा

आटा की चालणी

उषा राजश्री राठौड़

जे म्हैं आदमी होऊँ

विमला महरिया 'मौज'

अणबोली बात

विजय राही

पी'र सासरौ

विमला महरिया 'मौज'

परायो धन

अनुश्री राठौड़

दो कवितावां

उपेन्द्र अणु

लुगाई

भारती पुरोहित

लुगाई री ओळखाण

मीनाक्षी बोराणा

धूड़ थारै सिर में

कान्हा शर्मा

घर सूं भाजयोड़ी छोरी

पवन सिहाग 'अनाम'

सुण सेफाळी

तेजस मुंगेरिया

तीजी रेख

अर्जुनदेव चारण

सोनै री सांकळां

मोनिका शर्मा

चाव

हेमन्त गुप्ता पंकज

साख राणी उमादे री

सत्यप्रकाश जोशी

दुहागण रौ दरद

निर्मला राठौड़

थारी आफळ

नंद भारद्वाज

कुबाण

भगवती प्रसाद चौधरी

हैण्डसम आदमी

राजदीप सिंह इन्दा

विरोधाभास

मोनिका गौड़

हक

रामकुमार भाम्भू

लुगाई

थानेश्वर शर्मा

मीरां

सन्तोष मायामोहन

सती

अर्जुनदेव चारण

प्रीत

धनंजया अमरावत

म्हारौ तोल

धनंजया अमरावत

वेस्या

सतीश छिम्पा

धरती अर नारी

मुलदागालीयेव

मारवाड़ी भू

अंबू शर्मा

बण'र पराई

मीनाक्षी पारीक

म्हैं हांसी ही

अंकिता पुरोहित

आपणी लेखणी सूं

विमला भंडारी

नी जूवे

कैलाश गिरि गोस्वामी

मिनखपणो

सीमा पारीक

मशीन

ऋतुप्रिया

गमायो

पारस अरोड़ा

सीस काट दी सैनांणी

संतोष शेखावत ‘बरड़वा’