लुगाई पर कवितावां

कविता153

सुभाव

अंजु कल्याणवत

आटा की चालणी

उषा राजश्री राठौड़

परायो धन

अनुश्री राठौड़

जे म्हैं आदमी होऊँ

विमला महरिया 'मौज'

पी'र सासरौ

विमला महरिया 'मौज'

घूमर

नारायण सिंह भाटी

जगां-जगां

कमल रंगा

सबदां री हद रै मांय

आईदान सिंह भाटी

ओळूं घट की कस्तूरी

प्रेमजी ‘प्रेम’

लुगाई

उषा राजश्री राठौड़

देखणौ

पद्मजा शर्मा

पल्ला री गांठ

शकुंतला पालीवाल

रेत अर लुगाई

प्रेमलता सोनी

जोगमाया

तेजस मुंगेरिया

पिणघट करै पुकार

मान कँवर ‘मैना’

ओळखाण

मणि मधुकर

कद

प्रियंका भारद्वाज

हूं म्हैं मिनख

कृष्णा जाखड़

ठठेरै री जाई

मणि मधुकर

धीयां नै

सत्यप्रकाश जोशी

हॉर्स ब्लाइंड

मनीषा आर्य सोनी

सिंदूर

अजन्ता चौधरी

गांव री सरपंचाणी

प्रमेश्वर प्रसाद कुमावत

भूतणीं

विमला महरिया 'मौज'

चूल्है रो गीत

मोहन आलोक

बस! इत्तो ई चावै नारी

मीनाक्षी पारीक

गांव रौ तळो

नाथूसिंह इंदा

तार-तार सपना

रचना शेखावत

हे अहल्या

लक्ष्मीनारायण रंगा

मौत

रमेश मयंक

मुळक

प्रियंका भारद्वाज

गांव री लुगायां

श्याम महर्षि

मां रौ नांव

महेश मोड़जी

म्हां लुगायां

शकुंतला पालीवाल

जूण जातरा

सुमन बिस्सा

नारी मरदाणी

हीरालाल शास्त्री

बळीतो

शकुंतला पालीवाल

वउ नी परबात

मणि बावरा

पूरण होवण री आस

अर्जुनदेव चारण

दुसासण

मणि मधुकर

सीता

अर्जुनदेव चारण

गांधारी

लक्ष्मीनारायण रंगा

लुगाई

बी. एल. माली ‘अशान्त’

सनेसो

गीता सामौर