व्यंग पर कवितावां

कविता242

आजादी अर सपना

अर्जुनदेव चारण

यक्ष सवाल

रेवंत दान बारहठ

फाटोड़ी जेब

पारस अरोड़ा

मारवाड़ – 1

तेजसिंह जोधा

करमां री लकीरां नै

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

रामजी रा घोड़ा

भगवती लाल व्यास

कवि अर कवितावां

रेवंत दान बारहठ

कवि अर कविता

भगवती लाल व्यास

म्हूँ जनता हूँ

भगवती लाल व्यास

ओट

विनोद स्वामी

आभै रै कळसै रो पाणी

रेवंत दान बारहठ

काळ

श्याम महर्षि

दुसासण

मणि मधुकर

लोकराज

रेवतदान चारण कल्पित

चोरटो-चाँद

किशोर कल्पनाकान्त

अरज

रामेश्वर दयाल श्रीमाली

जमा पूंजी

रेवंत दान बारहठ

लोभ

प्रेमजी ‘प्रेम’

अंध विश्वास

रतन ‘राहगीर’

राम पै रावण भारी है

तारादत्त निर्विरोध

पुन्न

मोहन आलोक

सारै दिन चपड़ चपड़ करै

बनवारीलाल अग्रवाल

हे पाण्डवां

विनोद सोमानी 'हंस'

रमतियो

यादवेन्द्र शर्मा 'चन्द्र'

कुचरणी

ओम पुरोहित ‘कागद’

चुभता चोपदा

भंवरलाल पांडेय ‘प्रमोद’

थर्‌मामीटर

रतन ‘राहगीर’

बोलै सरणाटो

हरीश भादानी

दीवा-सम्मेलण

किशोर कल्पनाकान्त

बंद को दिन

हरिलाल अग्रवाल

बेजां ई सोहणी है

बनवारीलाल अग्रवाल

पांगळी

मणि मधुकर

साधु री माया

कपिलदेव आर्य

चीणी चाळा काटगी

भंवरलाल महरिया 'भंवरो'

आपरी चूंच

यादवेन्द्र शर्मा 'चन्द्र'

वकील

हरि शेखर शर्मा

इण जुग रा इकबार

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

लोकराज

मोहम्मद सदीक

म्हांरौ गांव

बस्तीमल सोलंकी भीम

म्हारो भायलो

रतन ‘राहगीर’

रोई रा रूंख

रामस्वरूप ‘परेश’

मैंगाई

शिव शर्मा

हेली

बी. एल. माली ‘अशान्त’

लुगाई

मीठेश निर्मोही