व्यंग पर कवितावां

कविता252

आजादी अर सपना

अर्जुनदेव चारण

फाटोड़ी जेब

पारस अरोड़ा

यक्ष सवाल

रेवंत दान बारहठ

कवि अर कवितावां

रेवंत दान बारहठ

मारवाड़ – 1

तेजसिंह जोधा

करमां री लकीरां नै

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

रामजी रा घोड़ा

भगवती लाल व्यास

कवि अर कविता

भगवती लाल व्यास

म्हूँ जनता हूँ

भगवती लाल व्यास

ओट

विनोद स्वामी

आभै रै कळसै रो पाणी

रेवंत दान बारहठ

काळ

श्याम महर्षि

प्रार्थना

जॉन गोल्सवर्दी

दुसासण

मणि मधुकर

लोकराज

रेवतदान चारण कल्पित

चोरटो-चाँद

किशोर कल्पनाकान्त

अरज

रामेश्वर दयाल श्रीमाली

कुचरणी

ओम पुरोहित ‘कागद’

चुभता चोपदा

भंवरलाल पांडेय ‘प्रमोद’

धज

अम्बिका दत्त

थर्‌मामीटर

रतन ‘राहगीर’

बोलै सरणाटो

हरीश भादानी

दीवा-सम्मेलण

किशोर कल्पनाकान्त

बंद को दिन

हरिलाल अग्रवाल

बेजां ई सोहणी है

बनवारीलाल अग्रवाल

पांगळी

मणि मधुकर

साधु री माया

कपिलदेव आर्य

चीणी चाळा काटगी

भंवरलाल महरिया 'भंवरो'

आपरी चूंच

यादवेन्द्र शर्मा 'चन्द्र'

कदमताळ

गोरधन सिंह शेखावत

जमा पूंजी

रेवंत दान बारहठ

लोभ

प्रेमजी ‘प्रेम’

अंध विश्वास

रतन ‘राहगीर’

राम पै रावण भारी है

तारादत्त निर्विरोध

पुन्न

मोहन आलोक

सारै दिन चपड़ चपड़ करै

बनवारीलाल अग्रवाल

पतो छै

अम्बिका दत्त

घर

अम्बिका दत्त

हे पाण्डवां

विनोद सोमानी 'हंस'

रमतियो

यादवेन्द्र शर्मा 'चन्द्र'

साची बतळावण

मोगानेवाली सेरोत

सुवाद

मणि मधुकर

कमरै कमरै

मोहन आलोक

परंपरा

रतन ‘राहगीर’