व्यंग पर कवितावां

कविता149

आजादी अर सपना

अर्जुनदेव चारण

म्हूँ जनता हूँ

भगवती लाल व्यास

कवि अर कविता

भगवती लाल व्यास

रामजी रा घोड़ा

भगवती लाल व्यास

मारवाड़ – 1

तेजसिंह जोधा

फाटोड़ी जेब

पारस अरोड़ा

म्हारी आ लापरवाही

भागीरथसिंह भाग्य

कोई सागै कितणी

बनवारीलाल अग्रवाल

सायबा घर आया

भागीरथसिंह भाग्य

सतजुग

रामेश्वर दयाल श्रीमाली

कुणस

प्रेमजी ‘प्रेम’

अणगायो-गीत

किशोर कल्पनाकान्त

इचरज

सतीश छिम्पा

उजाळो आंख है

हेमन्त शेष

मन बेताळ

मोनिका गौड़

सितोळिया

भगवती लाल व्यास

बाबो

रतन ‘राहगीर’

अेक कविता

ज्योतिष जानी

म्हांरा लिखारा

यादवेन्द्र शर्मा 'चन्द्र'

एक च्यूंठी तावड़ी

रामस्वरूप ‘परेश’

रमजानी

प्रेमजी ‘प्रेम’

पांडुलिपि

महेन्द्र भानावत

कुचरणी

ओम पुरोहित ‘कागद’

चुभता चोपदा

भंवरलाल पांडेय ‘प्रमोद’

थर्‌मामीटर

रतन ‘राहगीर’

बोलै सरणाटो

हरीश भादानी

दीवा-सम्मेलण

किशोर कल्पनाकान्त

बेजां ई सोहणी है

बनवारीलाल अग्रवाल

पांगळी

मणि मधुकर

आपरी चूंच

यादवेन्द्र शर्मा 'चन्द्र'

इण जुग रा इकबार

गणेशीलाल व्यास 'उस्ताद'

लोकराज

मोहम्मद सदीक

म्हारो भायलो

रतन ‘राहगीर’

रोई रा रूंख

रामस्वरूप ‘परेश’

सांच: दो कवितावां

भगवती लाल व्यास

अणंत चौपड़

सेसर वायेखो

भेडां

श्याम महर्षि

झाँसो

सांवर दइया

अमूझणी भर्‌या दिन

भगवती लाल व्यास

अेक समिक्सक : कल्पना रौ

मंगेश पाडगांवकर

लक्खण

प्रेमजी ‘प्रेम’

रामपाळयो

गोविन्द हाँकला

ओट

विनोद स्वामी

भींत

विनोद स्वामी

बदळाव री हूंक

रतन ‘राहगीर’

पारवती

सन्तोष मायामोहन