व्यंग पर ग़ज़ल

ग़ज़ल16

राम राज में रोळी है

गजादान चारण ‘शक्तिसुत’

ऐ खिलाड़ी बावळा है

रामेश्वर दयाल श्रीमाली

औ तौ जीणौ जीणौ कोनी

लक्ष्मणदान कविया

लोग जो मद में चूर हुया

कुंदन सिंह 'सजल'

मिलै नीं अठै सुखड़ो राम

लक्ष्मीनारायण रंगा

कांईं होसी?

शिवराज छंगाणी

नदी झील सागर रा किस्सा

कुंदन सिंह 'सजल'

किण माथै इतरावै भाया

मनोहरलाल गोयल

नीठा नीठ जमी ढाणी छै

लक्ष्मणदान कविया

बड़ा लोग है बात बड़ी

मनोहरलाल गोयल

देखो तो म्हारै देस में आवै समाजवाद

रामेश्वर दयाल श्रीमाली

रिकस्या आळो

रामस्वरूप ‘परेश’