फुटरापौ पर कवितावां

फूटरापौ एक भाव है। राजस्थानी

री सगळी बोलियां में फूटरापै रा अलेखूं पर्यायवाची है। अठै प्रस्तुत संकलन में फूटरापै नै लेय'र रचियोड़ी कवितावां रो संग्रै करीज्यो है।

कविता197

प्रेम री परिभाषा

सत्येंद्र चारण

गोरी गोरी गजबण

दुर्गादान सिंह गौड़

पासाण सुंदरी

नारायण सिंह भाटी

म्हारै पुराणियां घर री

मृदुला राजपुरोहित

म्हारौ गांव

हरमन चौहान

मूंडो दूधां धोयो

प्रेमजी ‘प्रेम’

रोहिड़े रा फूल

मृदुला राजपुरोहित

मिनख री सुतंतरता

रेणुका व्यास 'नीलम'

फागण आयो रे

रघुराजसिंह हाड़ा

निभ जावै हर रिश्तो

अनुश्री राठौड़

मिरगानैणी सिणगार

रेवंत दान बारहठ

सांझ-सुंदरी

महेंद्रसिंह छायण

मूमल

नारायण सिंह भाटी

आखरी बोल

एज़रा पाउंड

मनड़ै रो मारग

कृष्णा आचार्य

बूढ़ी काकी

दिनेश चारण

काग उड़ायनै साजन बुलाऊं

दीपा परिहार 'दीप्ति'

गुवाड़ी रो धरम

मदन गोपाल लढ़ा

भाव, आखर अर कविता

महेन्द्र मील

थारौ प्रीतम अळगौ हेली

अस्त अली खां मलकांण

मन री बातां

मेघराज मुकुल

गौळ गळा मं

विष्णु विश्वास

मिनख अर कागलो

कैलाश मंडेला

चांद

गजेन्द्र कंवर चम्पावत

म्हारी डायरी

प्रमिला शंकर

संझ्या

मोहन आलोक

सिपाई रा होठ

विल्फ्रेड ओवेन

सोध लीवी पिरथमी

नंद भारद्वाज

भातो

गौरीशंकर निमिवाळ

बेटी री पीड़

छैलूदान चारण 'छैल'

सुखसाज

मणि मधुकर

छेकड़ ताल रो अेक बोल

मालचंद तिवाड़ी

म्हारो प्रणाम!

राजेश कुमार व्यास

आइनो

ज़ेबा रशीद

बेजां ई सोहणी है

बनवारीलाल अग्रवाल

ह्वेइछांग

माओत्से तुङ्ग

मोट्यार मौसम

प्रेमजी ‘प्रेम’

कळी-कचनार

ताऊ शेखावटी

देसड़लो

मदनगोपाल शर्मा

गांव

कमल किशोर पिपलवा

थेपड्यां रै मिस

गौरीशंकर निमिवाळ

फूटरा

मनोज कुमार स्वामी

सै सूं सुन्दर पुसब

रेणुका व्यास 'नीलम'

अस्यौ छै म्हांको गांव

दिलीप सिंह ‘हरप्रीत’

पान-फूल

प्रमिला शंकर

रूप हालै

अमर दलपुरा