फुटरापौ पर गीत

फूटरापौ एक भाव है। राजस्थानी

री सगळी बोलियां में फूटरापै रा अलेखूं पर्यायवाची है। अठै प्रस्तुत संकलन में फूटरापै नै लेय'र रचियोड़ी कवितावां रो संग्रै करीज्यो है।

गीत54

मुरधर म्हारो देस

कानदान ‘कल्पित’

हठीलो राजस्थान

सोनी सांवरमल

साजन गीतां को बोपारी

दुर्गादान सिंह गौड़

नीमड़ी

दुर्गादान सिंह गौड़

थनैं गीतां में गाऊंला

प्रहलाद सिंह झोरड़ा

आज थारी आस आधी

शांति भारद्वाज 'राकेश'

कामणी

मोहम्मद सदीक

मनभावण बसंत आयो री

चंद्र सिंह बिरकाळी

माळीड़ा, मत चूंट फूल तो

कन्हैयालाल सेठिया

मिजमानी

अभिलाषा पारीक

मोट्यारपणो

दुर्गादान सिंह गौड़

अेक छोरी काळती

भागीरथसिंह भाग्य

पणिहारी

बुलाकी दास बावरा

मन म्हारौ है मांछळी

कल्याणसिंह राजावत

कळायण

मनुज देपावत

बरखा रुत

जयसिंह चौहान 'जौहरी'

मालण बीकानेर री

हरिवंश राय बच्चन

माणीगर आवै है

किशोर कल्पनाकान्त

सूरज रो रथ आ गयो

अनिता सैनी

अै रातां है जागण री

किशोर कल्पनाकान्त

गीत : पिणघट रो

ओंकार श्री

परभात

भंवरसिंह सामौर

चौमासो आयो रे

आशारानी लखोटिया

चून्दड़ी

आशारानी लखोटिया

बणज्यारी

जगदीश झालावाड़ी

जाणां छां

ब्रजमोहन सपूत

होळी गावण दे

कल्याणसिंह राजावत

यो करवा चौथ को दन

देवकी दर्पण ‘रसराज’

गाड़ियो लुहार

मुकुट मणिराज

महिनो फागण रो

कानदान ‘कल्पित’

हेरो नं नणदल का बीरा

राजेन्द्र सोलंकी

कठीकर आवै अे?

किशोर कल्पनाकान्त

कुमकुम सूँ

बद्रीलाल ‘दिव्य’

हींडौ

आशारानी लखोटिया

नखराळी बूंदी

दिलीप सिंह ‘हरप्रीत’

थाँको डील इतर की शीशी

विष्णु विश्वास

रोहीड़ा अर खेजड़ा

गजानन वर्मा

मरवण! तार बजा

किशोर कल्पनाकान्त

रूपाळो गांव

भूरसिंह मीणा

फागण आयो राज

किशोर कल्पनाकान्त

म्हारो राजस्थान

मोहन मण्डेला

जीवण नद यूं बहतो जावै

चंद्र सिंह बिरकाळी

शरद पूनम को चाँद

आशारानी लखोटिया