फुटरापौ पर लेख
फूटरापौ एक भाव है। राजस्थानी
री सगळी बोलियां में फूटरापै रा अलेखूं पर्यायवाची है। अठै प्रस्तुत संकलन में फूटरापै नै लेय'र रचियोड़ी कवितावां रो संग्रै करीज्यो है।
री सगळी बोलियां में फूटरापै रा अलेखूं पर्यायवाची है। अठै प्रस्तुत संकलन में फूटरापै नै लेय'र रचियोड़ी कवितावां रो संग्रै करीज्यो है।
जलाल और बूबना की प्रेमकथा राजस्थान में सुप्रसिद्ध है। इसी प्रकार यहाँ जलाल के सम्बंध में कई लोकगीत भी गाए जाते हैं, जिनमें से अनेक प्रकाशित हो चुके हैं। फिर भी कई गीत अभी अप्रकाशित ही हैं। यहां ऐसे दो लोकगीत प्रस्तुत किए जाते हैं। जलाल और बूबना के
राजस्थान रौ भील आंदोलन भारतीय स्वाधीनता संग्राम रै इतिहास रौ अेक उपेक्षित पानौ। अेक भूली बिसरी घटना। पण अेक आदिवासी कौम जिण भांत संगठित होय’र निरंकुश सत्ता रौ मुकाबलौ कियौ, आ काबिले-तारीफ बात। मानगढ री भाखरी माथै गुरू गोविंद रै मेळै में सदीव रै ज्यूं
13 दिसबर री रात भारतीय सिनिमा सारू घोर काळी रात साबित हुई। कला-प्रेमियां री दुआवां अर फिलमकारां री उम्मीदा माथै पाणी फेरती थकी जगचावी भारतीय अभिनेत्री स्मिता नै जिंदगी डसगी अर मौत री लड़ाई में मौत जीतगी। लगौलग 25 घंटां तांई जूझती रैयी। रात रा साढी बारा
च्यारूं मेर मखमली बेकळू रेत रौ पसराव। राजस्थान में जैसलमेर रै बाद रेत रै टीबां रै फिलमांकन रौ दूसरौ खास मुकाम श्रीडूंगरगढ चूरू जिलै रौ अेक कस्बौ। ठीक वां ई दिनां, जदकै मृणाल सेन फ्रांस रै सैयोग सूं जैसलमेर रै कुलधारा गांव में आपरै लाव-लश्कर रै साथै ‘जेनेसिस’