फुटरापौ पर दूहा

फूटरापौ एक भाव है। राजस्थानी

री सगळी बोलियां में फूटरापै रा अलेखूं पर्यायवाची है। अठै प्रस्तुत संकलन में फूटरापै नै लेय'र रचियोड़ी कवितावां रो संग्रै करीज्यो है।

दूहा26

सिणगार रा दूहा

कुलदीप सिंह इण्डाली

भादरवौ

रेवतदान चारण कल्पित

प्रीत रा दूहा

कुलदीप सिंह इण्डाली

सर वीणा पद-तळ कमल

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'

बारह मास रा दूहा

जिनहर्ष मुनि ‘जसराज’

अवरहिं गति मति पिण अवर

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'

फागण

रेवतदान चारण कल्पित

वाला वचे विरोध जी

चतुरसिंह ‘महाराज’

हिव यौवन-बय आवीयो

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'

रति-ज्यूं जिम रतिपति रमइ

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'

अति सुंदर सोहइ आकार

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'

तनु सरळी, पूरण रळी

कवि केशव 'कीर्तिवर्धन'

मरुधर म्हानै पोखिया

चंद्र सिंह बिरकाळी

थाळी चूरै सोगरो

आयुषी राखेचा

पनरह तिथि रा दूहा

जिनहर्ष मुनि ‘जसराज’