चिड़कली पर कवितावां

चिड़कली रै आपरै निजु

अरथ होवण रै साथै लोक में उणरौ अरथ बेटी सूं ई लेरीजै। अठै संकलित कवितावां दोनूं अरथां सूं संबंध राखै।

कविता59

कुरजां

चैन सिंह शेखावत

निरवाळा रंग

राजूराम बिजारणियां

भासा रौ भरोसौ

चन्द्र प्रकाश देवल

भोळी चिड़कली

चंद्रशेखर अरोड़ा

चिड़कली

तेजस मुंगेरिया

खोल दी प्रोळ

कमल रंगा

चिड़कली

कृष्णपाल सिंह राखी

चिड़ियां ज्यूं उड जाय

सरला सोनी ‘मीरा कृष्णा’

चिड़कली

राजेन्द्र सिंह चारण

मारग री मौत

चन्द्र प्रकाश देवल

नाम री चिड़कली

सपना वर्मा

ऊजळी पांखां सूं

सुमन बिस्सा

कुदरत रौ सराप

धनंजया अमरावत

मां

भगवान सैनी

माँ

नीलम पारीक

सीखडली

श्रीनिवास तिवाड़ी

भोळा कबूतर

मोनिका गौड़

चिड़कली रा तीन सुवाल

अशोक परिहार 'उदय'

चिड़कली

मानसिंह राठौड़ ‘मातासर’

चिड़कली रो ब्याव

पूनमचंद गोदारा

रूंख अर चिड़कली

देवीलाल महिया

उजास रै आंगणै

रतन ‘राहगीर’

दोय चिड़कली

राजदीप सिंह इन्दा

दरखत

संजू श्रीमाली

बेटी रा घर

धनपत स्वामी

सिटल

कुमार श्याम

आपरी चूंच

यादवेन्द्र शर्मा 'चन्द्र'

अड़वां नैं ओळभा

गजादान चारण ‘शक्तिसुत’

गांव री सुबै

नाथूसिंह इंदा

पड़ूत्तर

रचना शेखावत

सुतंतरता

भंवर भादानी

ओळयूं

गौरीशंकर निमिवाळ

चिड़ी बणा दीज्यो

सीमा राठौड़ ‘शैलजा’

मायतां री सीख

हनुमान प्रसाद 'बिरकाळी'

बोल चिड़कली बोल

राजू सारसर 'राज'

जाळ

रतन ‘राहगीर’

चिड़कली

संतोष शेखावत ‘बरड़वा’

चिड़कली

कान्हा शर्मा

उजास गीत

हरदान हर्ष

बिरछ देवता

बाबूलाल शर्मा

न्हँ आयो

अम्बिका दत्त

संघर्ष

कृष्णबिहारी सहल