अम्बिका दत्त
ठावा कवि-गद्यकार। 'नुगरे रा पद' संग्रै सारू खास पिछाण। केंद्रीय साहित्य अकादमी रो सिरै पुरस्कार।
ठावा कवि-गद्यकार। 'नुगरे रा पद' संग्रै सारू खास पिछाण। केंद्रीय साहित्य अकादमी रो सिरै पुरस्कार।
आग
आकाश-पाताळ
आपनै कदी...
बजर किवाड़
बाजी अर डांव
बात
भोर
बुहारो
च्यांरूमेर बजार छै
धज
गांव
घर
हवा
होतब-अण होतब
झबरीली मूंछ्यां चमकीली आंख्यां
झक्कर
जिन्दगाणी
जीवन-जेवड़ी
जूण
कड़ी आखरी
काळ-अकाळ
कांई छानी छै
कांई होयो
करतूतां
काळ
काळ का साल मं
खजूर
कळस्या
लाई
लूण
माछळी
मनख
मास्साब!
मत पूछज्यो
म्हाँ
म्हे यूं तो
मोचड़्यां
न्हँ आयो
पढ़ाई
पाणी
पतो छै
रागणी
सिट्टी सूं पैली
सुभागण
सुणी सुणाई
ठूंठ अर चूंच
तीरथ
वा
जिंदगानी कितनी छोटी छै