जूण पर हाइकू

जहाँ जीवन को स्वयं कविता

कहा गया हो, कविता में जीवन का उतरना अस्वाभाविक प्रतीति नहीं है। प्रस्तुत चयन में जीवन, जीवनानुभव, जीवन-संबंधी धारणाओं, जीवन की जय-पराजय आदि की अभिव्यक्ति देती कविताओं का संकलन किया गया है।

हाइकू3

दस हाइकू

सांवर दइया

च्यार हाइकू

रतनसिंह ‘रत्नेश’

आठ हाइकू

सांवर दइया