जूण पर लेख
जहाँ जीवन को स्वयं कविता
कहा गया हो, कविता में जीवन का उतरना अस्वाभाविक प्रतीति नहीं है। प्रस्तुत चयन में जीवन, जीवनानुभव, जीवन-संबंधी धारणाओं, जीवन की जय-पराजय आदि की अभिव्यक्ति देती कविताओं का संकलन किया गया है।
कहा गया हो, कविता में जीवन का उतरना अस्वाभाविक प्रतीति नहीं है। प्रस्तुत चयन में जीवन, जीवनानुभव, जीवन-संबंधी धारणाओं, जीवन की जय-पराजय आदि की अभिव्यक्ति देती कविताओं का संकलन किया गया है।
आई. अे. अेस री ट्रेनिंग रै बाद पैली पोस्टिंग अेस.डी.अेम. माउंट आबू रै रूप मांय मिली। पैली पोस्टिंग अर बा ई राजस्थान रै सुरग मांय, जठै माउंट आबू तो टूरिस्टां सूं भरयो रैवतो, पण आबू रोड (तहसील आबू रोड मांय है अर अेस.डी.अेम माउंट आबू) तो टूरिस्टां सूं भरयौ
माणक रै जून 1982 रै अंक में कवि सम्मेलनां री यादां बाबत राजस्थानी कवियां रा कीं सस्मरण छप्पा हा। बीं री आगली कड़ी में मायड़ भाषा रा जूना अर जाणीता कवि रेवतदानजी चारण, गणपतचदजी भंडारी अर लक्ष्मणसिंघजी रसवंत आपरा खाटा-मीठा अनुभव ‘माणक’ रा पाठकां सांमी