Anjas

दूहा

राजस्थानी भासा रै मांय वीर अर दानी पुरूसां खातर घणकरां दूहा लिख्या गया। ओ मात्रिक छंद है। दूहे रै पैले अर तीजे चरण में तेरह अर दूजे अर चौथे चरण में इग्यारा मात्रावां हुवै, इण साथै सोरठे छंद रो उलटो हुवै।

रज्जब जी

रज्जब जी

1567 -1690

बालपणै रो नाम रज्जब अली खाँ। परणीजण ने जावता समै दादूजी रै प्रभाव मे आय'र वैरागी बणिया अर उमर भर बींद वेश में रैया। रचनावां में राजस्थानी अर इस्लामिक साधनां रा शब्दां री अधिकता।

रतन सिंह चांपावत

रतन सिंह चांपावत

1969

इण सदी रा कवि-लेखक।

रूपदास

रूपदास

1553 -1606

रामस्नेही संप्रदाय री शाहपुरा शाखा सूं सम्बंधित। हाड़ौती अंचल रा प्रमुख संत कवि। रचनावां में घणकरी भगती, नीति अर गुरु महिमा रै भाव री।

रेवतदान चारण कल्पित

रेवतदान चारण कल्पित

1924 -1997

ख्यात कवि अर समाजवादी। जनकवि रै रूप में पिछाण। 'इंकलाब री आंधी' अर 'लिछमी' कविता उलेखणजोग।

राजेंद्र स्वर्णकार

राजेंद्र स्वर्णकार

1959

चावा गीतकर। मंचां माथै मीठै कंठा सूं खास पिछाण।

राजेन्द्र शर्मा 'मुसाफिर'
राजेराम बेनीवाल

राजेराम बेनीवाल

1933 -2018

अलक्षित पण चावा कवि।

रामदास जी

रामदास जी

1727 -1798

रामस्नेही संप्रदाय री खैड़ापा शाखा रा संस्थापक अर सिरै भगत कवि। ज्ञान गरीमा, चेतावणी रा पद अर साखियां रा रचैता।

रामनाथ कविया

रामनाथ कविया

1808 -1878

उत्तर मध्यकालीन चारण कवियों में चावो अर ठावो नांव। द्रौपदी चीरहरण प्रसंग ने लेय'र 72 सोरठा लिख्या जिका 'करुण बहत्तरी' या 'द्रौपदी विनय' नांव सूं घणा चावा अर राजस्थानी साहित्य में महनीय ठौड़ राखै। 'पाबूजी रा सोरठा' आद कुछैक फुटकर रचनावां भी मिळै।

रामस्वरूप किसान

रामस्वरूप किसान

1952

सिरैनांव कवि-कहाणीकार। तिमाही पत्रिका 'कथेसर' रा संपादक। 'बारीक बात' कहाणी संग्रै सारु केंद्रीय साहित्य अकादमी रो सिरै पुरस्कार।

रामसिंघ सोलंकी
रामसिंह सोलंकी

रामसिंह सोलंकी

1926 -2006

राजस्थानी भासा री डिंगळ काव्य-सैली रा सिरमौर कवि।

रामाराम चौधरी

रामाराम चौधरी

1999

नूवी पीढ़ी रा कवि-लेखक।