Anjas

दूहा

राजस्थानी भासा रै मांय वीर अर दानी पुरूसां खातर घणकरां दूहा लिख्या गया। ओ मात्रिक छंद है। दूहे रै पैले अर तीजे चरण में तेरह अर दूजे अर चौथे चरण में इग्यारा मात्रावां हुवै, इण साथै सोरठे छंद रो उलटो हुवै।

हरजी भाटी

हरजी भाटी

बाबा रामदेवजी रै भगति परंपरा रा अनुभवी अर पूग्योड़ा ज्ञानी-ध्यानी संतकवि। प्रसिद्धि रौ आधार 'बाबा रामदेव रौ ब्यावलो' महाकाव्य।

हरदान हर्ष

हरदान हर्ष

1952

चावा कवि-गद्यकार।

हरदास मीसण

हरदास मीसण

मध्यकालीन डिंगल कवियां री पांत में आगीवाण नाम। भाषा प्रांजल डिंगल। 'जालंधर पुराण' अर 'भृंगी पुराण' नांव री दो प्रमुख रचनावां मिलै।

हरफूलसिंह ‘रसिक’
हरसुख धायल

हरसुख धायल

नूवी पीढ़ी रा कवि-गीतकर। फिलमां सारू काम-काज।

हरिदास निरंजनी

हरिदास निरंजनी

1455 -1543

निरंजनी संप्रदाय रा संस्थापक। डकैतपणौ छोड़'र संत बणिया इण कारण कलियुग रा वाल्मिकी बाजै। घणकरा भजन अर पदां री रचना भगती, नीति, चेतावणी अर महात्म्य सूं संबंधित।

हिम्मत सिंह उज्जवल