विडरूपता पर संवैया

सामाजिक जीवण में आपां

रै असवाड़ै-पसवाड़ै अेड़ी केई विसमतावां हुवै जिणा सूं मिनख रौ जीवणौ, न जीवणै जेड़ौ हो ज्यावै। अठै संकलित रचनावां ई विसै सूं ई जुड़ियोड़ी है।

संवैया छंद5

पूत

मुकेश आमेरा

जीत

मुकेश आमेरा

सांय

मुकेश आमेरा

मानवता

मुकेश आमेरा

महानगर

मुकेश आमेरा