विडरूपता पर कुंडलियाँ

सामाजिक जीवण में आपां

रै असवाड़ै-पसवाड़ै अेड़ी केई विसमतावां हुवै जिणा सूं मिनख रौ जीवणौ, न जीवणै जेड़ौ हो ज्यावै। अठै संकलित रचनावां ई विसै सूं ई जुड़ियोड़ी है।

कुण्डळियौ छंद5

आज री कुंडळियां

केसरी कान्त शर्मा

फोड़ा घालै नार

भगवती प्रसाद चौधरी

भीगी बिल्ली

भगवती प्रसाद चौधरी

तीखा घोचा

भगवती प्रसाद चौधरी

अरदास

भगवती प्रसाद चौधरी