अपणायत पर डांखळा

मिनखीचारै सबद रै ओळै-दोळै

रौ ओ सबद आपरै मांयां एक आत्मिक रिस्तौ ले'न चालै जिणनै आपणौ लोक 'अपणायत'कैवै। अठै संकलित रचनावां अपणायत सूं जुड़ियोड़ी है।

डांखळा1

पाड़ोसी सूं लड़ पड़्यो

शक्ति प्रकाश माथुर