सिणगार पर लेख
लोक में सिणगार रौ घणकरौ
अरथ गैंणा-गांठा सूं लेईजै पण जद बात कविता री आवै तद उठै एक रस आय'न ऊभौ व्है जावै, जिणनै 'सिणगार रस'कैवै। अठै संकलित कवितावां सिणगार रै अनेकू पखां में जुड़योड़ी है।
अरथ गैंणा-गांठा सूं लेईजै पण जद बात कविता री आवै तद उठै एक रस आय'न ऊभौ व्है जावै, जिणनै 'सिणगार रस'कैवै। अठै संकलित कवितावां सिणगार रै अनेकू पखां में जुड़योड़ी है।
13 दिसबर री रात भारतीय सिनिमा सारू घोर काळी रात साबित हुई। कला-प्रेमियां री दुआवां अर फिलमकारां री उम्मीदा माथै पाणी फेरती थकी जगचावी भारतीय अभिनेत्री स्मिता नै जिंदगी डसगी अर मौत री लड़ाई में मौत जीतगी। लगौलग 25 घंटां तांई जूझती रैयी। रात रा साढी बारा
च्यारूं मेर मखमली बेकळू रेत रौ पसराव। राजस्थान में जैसलमेर रै बाद रेत रै टीबां रै फिलमांकन रौ दूसरौ खास मुकाम श्रीडूंगरगढ चूरू जिलै रौ अेक कस्बौ। ठीक वां ई दिनां, जदकै मृणाल सेन फ्रांस रै सैयोग सूं जैसलमेर रै कुलधारा गांव में आपरै लाव-लश्कर रै साथै ‘जेनेसिस’