कुन्दन माली
चावा कवि-आलोचक। 'आलोचना री आंख सूं' आलोचना पोथी पर केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार।
चावा कवि-आलोचक। 'आलोचना री आंख सूं' आलोचना पोथी पर केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार।
अै हेताळू
आंतरो
औसर
बादळ बिरखा बिजळी
बदळाव
बंटवाड़ो
भरम अर जथारथ
बोल माछळी
चेतावणी
दरसाव
घर छोडती बगत
गुणीजन झांकी
हठ
जग रो रूप-सरूप
जीवट
जीवौ सौ बरस
जूण-कथा
जोत उजाळी
कांईं चावै है मा?
किणनै पूछां?
कोयलां रा करम
लालच
लेखजोग
म्हारौ बरजणौ
निंदा
परदेश में
पिछांण
पोतै कांईं बचैला ?
सांची पूछौ तौ
संगत
संका
थांरै कारण
तूती
आज रै जमानै में प्रेम
ईसको
ओळ्यूं
सांच रो मरम