दिन रा–

सूरज रै उजाळै में

दीसै कोनी कोस

रात रा–

चांद रै चिलकै–में

दीसै बेसी सैंकड़ा कोस

पण–

अंधारी रात में

काळी बोळी अमावस नै

नवलख तारा-नखतर

दीसै करोड़ां कोस

अंधारो–

दूर-दिसावर पूगण रो

नूंतो देवै

उजाळै नै गोद्‌यां रमावै

पाळ-पोस मोटो करै

अबै अंधारो–

मारग बतावै

सगळां नै

बटाऊड़ां नै

कठै ले जासी?

कुण जाणै?

स्रोत
  • पोथी : हिवड़ै रो उजास ,
  • सिरजक : अर्जुनसिंह शेखावत ,
  • संपादक : श्रीलाल नथमल जोशी ,
  • प्रकाशक : शिक्षा विभाग राजस्थान के लिए उषा पब्लिशिंग हाउस, जोधपुर
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