महिमा पर काव्य खंड

मैमा महानता की अवस्था

या भाव है। महिमा की गिनती आठ प्रकार की सिद्धियों में से एक के रूप में भी की गई है। इस चयन में शामिल काव्य-रूपों में ‘महिमा’ कुंजी-शब्द के रूप में उपस्थित है।

काव्य खंड11

गंगाजी

पृथ्वीराज राठौड़

मंगलाचरण

हेमरतन सूरि

सोभा सैं सूं न्यारी

सत्यनारायण इन्दौरिया

राम-रावण जुद्ध वरणाव

सूर्यमल्ल मीसण

पातळ पृथी प्रकाश

कमल सिंह सुल्ताना

मरसिया गंगासिंहजी

चंद्र सिंह बिरकाळी

हरिरस

ईसरदास बारहठ