ओळ्यूं पर उद्धरण

उद्धरण1

quote

“मिनख रै हीये ओळूं रौ लफड़ौ नीं रैवै तौ कित्तौ सावळ!

ओळूं तौ जांणै अंस काढ़ न्हाकैला!

विजयदान देथा