लोक पर लोकगीत

सबदकोसां में लोक रौ

अरथ घणै अरथां में लेईज्यौ है। कठैई इणरौ अरथ 'प्रजा' मानीज्यौ है तो कठैई 'मानखै' रै अरथ में इणनै लीरीज्यौ है। अठै प्रस्तुत रचनावां लोक सबद रै आखती-पाखती रचियोड़ी है।

लोकगीत101

तालरिया मगरिया

लोक परंपरा

गोरबंद

लोक परंपरा

चौमासौ

लोक परंपरा

जीरो

लोक परंपरा

बादळी

लोक परंपरा

कुवे पर एकली ऐ

लोक परंपरा

नारेळौ

लोक परंपरा

हींडौ

लोक परंपरा

नारंगी

लोक परंपरा

कस्तूरी

लोक परंपरा

पींपळी-2

लोक परंपरा

बालो चाल्यो ए

लोक परंपरा

उमराव

लोक परंपरा

भोमिया

लोक परंपरा

मायरा का गीत

लोक परंपरा

विनायक

लोक परंपरा

पेसारा

लोक परंपरा

केशरिया बालम

लोक परंपरा

कूकड़ौ

लोक परंपरा

अंबाबाड़ी

लोक परंपरा

धूमालड़ी

लोक परंपरा

बड़ला

लोक परंपरा

घोड़ी

लोक परंपरा

जल्ला

लोक परंपरा

काळा कागला

लोक परंपरा

पुनमल

लोक परंपरा

फेरा

लोक परंपरा