जूनौ कोस
नूवौ कोस
लोक परंपरा
ई-पुस्तक
महोत्सव
Quick Links
जूनौ कोस
नूवौ कोस
लोक परंपरा
ई-पुस्तक
महोत्सव
साइट: परिचय
संस्थापक: परिचय
अंजस सोशल मीडिया
नीति काव्य पर संवैया
सोरठा
दूहा
सबद
छप्पय
संवैया छंद
पद
काव्य खंड
साखी
कविता
कवित्त
गीत
त्रिभंगी छंद
डिंगल गीत
चौपाई
कुण्डळियौ छंद
ग़ज़ल
संवैया छंद
10
कहै सब हद गहै सब हद
रज्जब जी
धरेही को ज्ञान धरेही को ध्यान
रज्जब जी
अधम न करि मांन मांन कीयै व्है है हांन
जिनहर्ष मुनि ‘जसराज’
परम पुरुष के पंथ चल्या जिन
छीतरदास
अधर धरा सूं रंग अधर धरा सूं संग
छीतरदास
भजै संसार लगै न पुकार न होइ करार
रज्जब जी
सूर स्यंध छेरे खाइ
रज्जब जी
अगम ही चाल अगम ही ज्याल
छीतरदास
यौ तौ है संसार सविकार कछु सार नहीं
जिनहर्ष मुनि ‘जसराज’
माया जोरिबै कुं जीव तलफत है अतीव
जिनहर्ष मुनि ‘जसराज’