नीति काव्य पर कवितावां

कविता7

ओ देस कठी'नैं जार्‌यो है

मानसिंह शेखावत ‘मऊ’

नीति

रायसिंह सांदू

ऊनाळो

ऊमरदान लालस

बखत आयग्यो भाई! भाई!

गिरधरदान रतनू दासोड़ी

उल्थो

सत्येंद्र चारण

लिखै जिस्यो ई दीख भायला।

मानसिंह शेखावत ‘मऊ’