गुरु पर कवित्त

मध्यकालीन काव्य में

गुरु की महिमा की समृद्ध चर्चा मिलती है। प्रस्तुत संचयन में गुरु-संबंधी काव्य-रूपों और आधुनिक संदर्भ में शिक्षक-संबंधी कविताओं का संग्रह किया गया है।

कवित्त8

गुरु है दीन दयालु

संत हरिदेवदास महाराज

गुरु बिन भक्ति न भेव

संत हरिदेवदास महाराज

जिण वासग नाथियो

कान्होजी बारहठ

गुरु दाता निज ज्ञान

संत हरिदेवदास महाराज

नैण बिना कहां निरख

संत हरिदेवदास महाराज

बादल बिना न मेह

संत हरिदेवदास महाराज