दुख पर कवितावां

कविता234

हिज्र

सत्य पी. गंगानगर

दीठ रो फरक

आरती छंगाणी

अबूलेंस

देवीलाल महिया

सबदां री हद रै मांय

आईदान सिंह भाटी

तूं

सत्य पी. गंगानगर

बंटवारो

भगवती लाल व्यास

बीज नै उगणो पड़सी

भीम पांडिया

भूख रौ रूंख

विक्रमसिंह गून्दोज

बहुवचन

चन्द्र प्रकाश देवल

अेक ठहर्‌योड़ी दोपरी

गोरधन सिंह शेखावत

ममता रा मोती बांटो

त्रिलोक गोयल

चेतना री खतावणी

भवानी शंकर व्यास ‘विनोद’

करां कांई

चन्द्र प्रकाश देवल

कद तांईं

गोरधन सिंह शेखावत

बेम्मार

मणि मधुकर

सांस बदळै

बस्तीमल सोलंकी भीम

आपणो घर

रमेश मयंक

कतनी बार मरूं

रघुराजसिंह हाड़ा

ओ कुण

मोहम्मद सदीक

साख राजा मालदेव री

सत्यप्रकाश जोशी

तोड़ भी ल्यासी

बनवारीलाल अग्रवाल

दूक दूक कै क्यूं थारी

बनवारीलाल अग्रवाल

सेयर बाजार

अर्जुनदेव चारण

मिनख-मिनख री मार

कपिलदेव आर्य

अेक पीड़

किरण राजपुरोहित 'नितिला'

खेत री बां जमीन

गौरीशंकर निमिवाळ

भींत

महेंद्र मोदी

ऊंडी भखारियां

अर्जुनदेव चारण

दूजौ

मणि मधुकर

सूरज टंटोळता रह्या

त्रिलोक गोयल

थारी धांसी

पारस अरोड़ा

रूंख रा छोडा

नीरज दइया

कळां भखै मिनखपणों

इन्द्रा व्यास

औ जीवण जीणो पड़सी

अवन्तिका तूनवाल

हथेळी रा छाला

मनोज शर्मा

अतीत री छत सूं

नन्दकिशोर चतुर्वेदी

भरम गांठ

सत्यनारायण इन्दौरिया

मै’सूसो

मोहन आलोक

सुपनै मांय

हेमन्त शेष

हेत रो हींडौ

कृष्णा जाखड़

मुरधर रा हीरा

अस्त अली खां मलकांण

अचरज

पारस अरोड़ा

ओळखाण

मणि मधुकर

बळीतौ

मणि मधुकर

दूजी लहर

रमेश मयंक