भगती पर सबद

भगती विषयक काव्य-रूपों

रौ संकलन।

सबद55

सत जुग पैली सायबा

सिद्ध संत कूंपोजी

सजन सनेह रा वे

हरिदास निरंजनी

गुरु रूप तणौं दरबार

आत्माराम 'रामस्नेही संत'

अनहद की धुन प्यारी साधो

परमहंस स्वामी ब्रह्मानन्द

बारे मासी

संत मावजी

राम रस मीठा रे अब

हरिदास निरंजनी

राम रस ऐसा रे

हरिदास निरंजनी

नहिं आते हो नहिं आते हो

परमहंस स्वामी ब्रह्मानन्द

जन्म-जन्म को मैं दास तुमारो

परमहंस स्वामी ब्रह्मानन्द

राम भजन हिरदै नहीं हेत

हरिदास निरंजनी

चेतावनी भजन

ऊमरदान लालस

तब हम हरि गुण गावेंगे

हरिदास निरंजनी

तब हरि हम कूँ जांणैंगे

हरिदास निरंजनी

सखि हो..! गगन गरजि घन आये

हरिदास निरंजनी

दस अवतार दसूँ ए देसी

हरिदास निरंजनी

मेरो प्रभुजी तुम बिन कौन सहाई

परमहंस स्वामी ब्रह्मानन्द