ओळमौ पर मुक्तक

हर भाषा रै साहित्य में

हर विसै सूं एक शिकायत प्रगट करी जावै, कविता अर लोक में उणनै 'ओळमौ'कैवै। अठै प्रस्तुत चयन रौ आधार ओळमौ है।

मुक्तक1

इण धरती री भोळी मायड़

भगवती लाल व्यास