ग़ज़ल13 आंगण में उग आया थापा थूर बचता रीज्यौ घणी गायी गजलां घणा गीत गाया चांद की कोर, जे कतळ करगी फुलबाड़यां की ज्यान छै, कानीर की कळ्यां बचता रीज्यो
रघुवीर प्रजापति मुकुट मणिराज किशन ‘प्रणय’ रशीद अहमद पहाड़ी सावित्री व्यास किशन लाल वर्मा राजेन्द्र सोलंकी गोरस प्रचण्ड