किशोर कल्पनाकान्त 1930-2001 bikaner लूंठा कवि-गीतकार। ‘कूख पड़यै री पीड़’ कविता संग्रै सारू साहित्य अकादेमी पुरस्कार।
कविता27 ओ काळधिराणी कंकाळी कूख-पड़्र्यै री पीड़ कुण के है बौ? बिना सबद रो प्रेमगीत मैं बागी तो कोनी होयग्यो के